Chandrayaan-3 ने दी उड़ान, कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च बिजनेस में L&T का बड़ा दांव

नेशनलChandrayaan-3 ने दी उड़ान, कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च बिजनेस में L&T का बड़ा...

Date:

Chandrayaan-3 Mission: Chandrayaan-3 की सफलता के बाद अब प्राइवेट कंपनियों में कमर्शियल सैटेलाइट लॉच बिजनेस की होड़ लगी हुई है। बता दें L&T ने 1979 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के शुरुआती एसएलवी रॉकेटों के लिए मदद की थी। उसके करीब साढ़े चार दशक बाद अब फिर से L&T कमर्शियल सैटेलाइट बिजनेस क्षेत्र में उतर रही है। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल चहलकदमी में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के बाद प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन ऐंड टुब्रो L&T वा​णि​ज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण व्यापार में पैठ बढ़ाने पर जोर दे रही है। L&T ने स्वीकार किया है कि वह लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की नीलामी में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा L&T ने एक कंसोर्टियम का हिस्सा बनकर ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) बनाने के लिए 860 करोड़ रुपए का ठेका पहले हासिल कर लिया है।

एसएसएलवी के लिए बोली लगाने का L&T का पहला मौका

एसएसएलवी के लिए बोली लगाने का L&T का ये पहला मौका है। देश में ये पहला मौका है जब कोई अंतरिक्ष एजेंसी प्रक्षेपण यान की पूरी प्रौद्योगिकी निजी क्षेत्र को सौंपेगी। कई देशों में काम करने वाली इंजीनियरिंग, खरीद तथा निर्माण (ईपीसी) दिग्गज L&T सूर्य को ओर जाने वाले भारत के महत्त्वाकांक्षी आदित्य एल1 अभियान और मनुष्य को अंतरिक्ष ले जाने वाले गगनयान अभियान में योगदान को तैयार है।
L&T ने 1979 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के शुरुआती एसएलवी रॉकेटों के लिए सहयोग किया था। L&T एसएसएलवी के लिए नीलामी की होड़ में मजबूत दावेदार है। L&T को यह प्रौद्योगिकी मिल गई तो वह अलग प्रक्षेपण संयंत्र के बजाय कम खर्च वाले मोबाइल लॉन्चर लगाने की योजना पर काम करेगा। नीलामी में करीब 20 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। पीएसएलवी का प्रक्षेपण इसरो के मौजूदा लॉन्च पैड से होता रहेगा। पीएसएलवी कंसोर्टियम में दूसरी भागीदार हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स है। इसके पहला प्रक्षेपण अगले साल होने की उम्मीद है।

L&T चंद्रयान-3 अभियान के सभी चरण में शामिल

इससे पहले L&T चंद्रयान-3 अभियान के सभी चरण में शामिल रही है। उसने सबसिस्टम निर्माण से लेकर मिशन ट्रैकिंग में अपना योगदान किया है। L&T के मुख्य कार्या​धिकारी (CEO) एवं प्रबंध निदेशक (MD) एसएन सुब्रमण्यन ने कहा कि चंद्रमा पर पहुंचना इसरो वैज्ञानिकों की दृढ़ता और संकल्प को बताता है। ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनकर L&T को गर्व है। देश ने उच्च प्रौद्योगिकी वाले विनिर्माण में L&T की क्षमता पर जो भरोसा किया है, उसके लिए हम आभारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम की इस सफलता में बड़ी भूमिका है।

L&T के जरिए हम प्रक्षेपण सेवाएं

इसरो की वा​णि​ज्यिक इकाई भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने निजी क्षेत्र को एसएसएलवी प्रौद्योगिकी देने के लिए जुलाई में अभिरुचि पत्र मंगाए थे। L&T अब इस क्षेत्र में पैठ जमाने पर विचार कर रही है। L&T डिफेंस के प्रमुख एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष एटी रामचंदानी ने कहा, ‘हम वह प्रौद्योगिकी हासिल कर एसएसएलवी बनाना चाहते हैं। हमें लगता है कि छोटे उपग्रहों और उपग्रह समूहों के साथ पृथ्वी की निचली कक्षा तक प्रक्षेपण करने की सेवाओं में बहुत संभावनाएं हैं। हमें लगता है कि जब यह यान हमारे उत्पादों में शामिल हो जाएगा तो L&T के जरिए हम प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है? पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लोगों के मन में...

PoK में बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच और राजनीतिक बातचीत की अपील

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान...

ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, बोलीं- मैं तब तक लड़ती रहूंगी, जब तक आपका अंत नहीं देख लूं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC)...