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ईरान-इजरायल तनाव का असर: भारत में LPG की किल्लत, आम आदमी की रसोई पर ‘महंगाई’ की मार

LPG shortage in India

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई तक पहुँच गया है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) के रास्ते सप्लाई बाधित होने से भारत में एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) की भारी किल्लत पैदा हो गई है। दिल्ली-NCR समेत कई बड़े शहरों में गैस सप्लाई में 20% तक की कटौती की खबर है।

क्यों पैदा हुआ यह संकट?

दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलपीजी इसी समुद्री रास्ते (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) से होकर गुजरती है। तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे भारत आने वाले गैस टैंकरों में देरी हो रही है।

Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में पिछले 48 घंटों में 8% का उछाल आया है। इसका सीधा असर भारत की घरेलू कीमतों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आम जनता पर क्या हो रहा है असर?

गैस की कमी का सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर और स्ट्रीट वेंडर्स पर दिख रहा है।

स्ट्रीट फूड वेंडर्स: भोपाल, इंदौर और जयपुर जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण कई छोटे ढाबे और पानी-पूरी के स्टॉल बंद होने की कगार पर हैं।

PNG सप्लाई में कटौती: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली और नोएडा के कुछ इलाकों में दबाव कम रहने के कारण पीएनजी सप्लाई में आंशिक कटौती की गई है।

सरकार का क्या है रुख?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त ‘स्ट्रैटेजिक रिजर्व’ है और घबराने की जरूरत नहीं है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार वैकल्पिक रास्तों और अन्य देशों से गैस आयात करने पर विचार कर रही है ताकि घरेलू सप्लाई पर असर न पड़े। हालांकि, जानकारों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो कीमतों में ₹50 से ₹100 प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि गैस और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है – माल ढुलाई का महंगा होना। इससे आने वाले दिनों में सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों के दाम भी बढ़ सकते हैं। ‘आज के दौर में’ (माफ़ कीजिएगा, पुराने जर्नलिस्ट की आदत है!) – मौजूदा स्थिति को देखते हुए मिडिल क्लास परिवार अपने बजट को लेकर चिंतित हैं।

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