मेरठ। तीसरे चरण के चुनाव में प्रदेश की 16 जिलों के 59 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। लेकिन इस तीसरे चरण के मतदान में मतप्रतिशत पहले दो चरणों की अपेक्षा कम रहा। प्रत्याशी और मतदाता इसका सबसे बड़ा कारण वोटर लिस्ट में मिली खामियों और त्रुटियों को मान रहे हैं। मतदान के दिन सुबह से ही मतप्रतिशत काफी धीमी गति से बढ़ा। लोग वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंच रहे थे। लेकिन कहीं पर वोटर लिस्ट में नाम नहीं था तो कहीं पर जिंदा मतदाता को मुर्दा बना दिया गया। हाल ये रहा कि तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर शाम 5 बजे तक 57.26 प्रतिशत ही मतदान हो पाया था। इसी बीच पूरे दिन होती रही छोटी मोटी घटनाओं के चलते भी मतदाताओं ने बाहर निकलने से परहेज किया। कहीं भाजपा ने तो कहीं सपा ने बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। करहल से चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने खुद सपा पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया और कहा कि सपा के लोगों की एक टीम एक दर्जन बूथों पर बूथ कैप्चरिंग कर रही थी। ये लोग मतदाताओं को मारपीटकर के सपा के पक्ष में मतदान करने के लिए कह रहे थे। वहीं दूसरी ओर सपा ने भी आरोप लगाया है कि भाजपा ने कानपुर की बिठूर विधानसभा के बूथों पर फर्जी मतदान करवाया है।
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तीसरे चरण के चुनाव में मतदाता सूची में काफी त्रुटियां देखने को मिली। मतदाता सूची में कई बूथों पर मतदाताओं का नाम कटने की शिकायतें थी। वहीं कई जगहों पर गड़बड़ियां सामने आई। कानपुर की कैंट विधानसभा सीट पर रमेश कुमार वोट डालने पहुंचे तो यह देखकर हैरान हो गए कि लिस्ट में उनका नाम नहीं है। उनका नाम मृतकों की सूची में डाला गया है। जिसके कारण वे अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर सके। वहीं कासगंज में भी ऐसे कई मामले वोटर लिस्ट में देखने केा आए।

