उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भगवान श्री गणेश का चमत्कारिक मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर में आकर भक्तों को उनकी पीड़ा से मुक्ति मिलती है। कई श्रद्धालुओं ने यहां मन्नत मांगी और श्री गणेश की कृपा से उनकी मनोकामनाएं पूरी भी हुई है। जिसके बाद लोगों में इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था और विश्वास बन चुका है। यह भी माना जाता है कि अगर किसी को संतान नहीं हो रही है तो इस मंदिर में आकर लड्डुओं का भोग लगाने से उसकी गोद जल्द घर जाती है। मेरठ के नौचंदी ग्राउंड के समीप स्थित यह एकमात्र गणेश मंदिर है। जहां गणेश जी की भव्य प्रतिमा उनकी दोनों पत्नियों के साथ स्थापित है।
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मुराद पूरी होने पर बनवाया था मंदिर
मेरठ के श्री गणेश मंदिर का नाम श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण एक भक्तजन ने अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद करवाया था। प्रचलित कथाओं के अनुसार इस मंदिर की जगह पहले बहुत छोटा सा मंदिर स्थापित था। उस वक्त कुछ लोग इस मंदिर में आते-जाते थे। लोगों की मनोकामनाएं भी पूरी होती थी। एक दिन एक भक्त ने इस मंदिर में आकर अपनी परेशानियों से मुक्ति की मन्नत मांगी। ईश्वर की कृपा से उसको बहुत जल्द अपनी परेशानियों से मुक्ति मिल गई। जिसके बाद उस भक्तजन ने वर्ष 2000 में यहां भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था।
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चढ़ता है लड्डुओं का भोग
श्री सिद्धि विनायक गणपति मंदिर में सुबह शाम पूजा अर्चना होती हैऔर भगवान को उनके प्रिय लड्डुओं का भोग चढ़ता है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि मनोकामना पूरी होने के बाद लोग यहां पर लड्डू का भोग अवश्य चढ़ाते हैं। वह बताते हैं कि इस मंदिर में आकर कोई भी श्रद्धालु कभी भी खाली हाथ नहीं लौटा है। यहाँ दूर दूर से लोग आते हैं और मन्नत मांगते हैं।

