पांच जुलाई को लग रहा चंद्रग्रहण ,देखे किस राशि पर लगेगा ग्रहण

लाइफस्टाइलपांच जुलाई को लग रहा चंद्रग्रहण ,देखे किस राशि पर लगेगा ग्रहण

Date:


पांच जुलाई को लग रहा चंद्रग्रहण ,देखे किस राशि पर लगेगा ग्रहण

5 जुलाई को चंद्रग्रहण लग रहा है, यह इस साल का तीसरा ग्रहण है इससे पहले 5 जून में लगा था, इसके बाद 21 जून को सूर्यग्रहण लगा था ,अब दूसरा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है, चंद्र ग्रहण 5 जूलाई (रविवार) को लग रहा है.30 दिन के भीतर ये तीसरा और साल का चौथा ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक माह में दो या इससे अधिक ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. इस वर्ष 6 ग्रहण लग रहे हैं, ये चंद्रग्रहण सभी राशियों में अलग -अलग प्रभाव डालेगा, माना जा रहा है कि इस ग्रहण का प्रभाव कई देशो में मिलेगा, इसके कई प्राकृतिक आपदाएं आ सकती है,इस ग्रहण के बाद पांच महीने 25 दिन बाद 30 नम्बर को चंद्रग्रहण व 14 दिसंबर को सम्पूर्ण सूर्यग्रहण हाेगा इसे भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा.

ज्याेतिषों के अनुसार 5 जुलाई को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा यानि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे, पूजा पाठ और भोजन से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे। लेकिन फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन करना जरूरी है,इन सभी उप छाया ग्रहणों में सूतक काल मान्य नहीं होंगे, ये ग्रहण धनु राशि पर प्रभाव डालेगा धनु राशि पर ये कष्टकारी प्रभाव डालेगा. ज्योतिष भारत ज्ञान भूषण के अनुसार उप छाया चंद्र ग्रहण आगामी 05 जुलाई को लगेगा. यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ हिस्से अमेरिका, यूरोप व अस्ट्रेलिया में दिखाई देगा. चौथा उप छाया चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगेगा .विल्वेश्वर नाथ मंदिर के प्राचार्या डॉ. दिनेशदत्त शर्मा के अनुसार हर वर्ष ग्रहण लगते हैं, इनकी संख्या कम से कम चार और अधिकतम 6 होती हैं ग्रहण खगोलीय घटना है, यह जानने की चीज है कि पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य भी गति करते हैं. ग्रहण का होना सामान्य खगोलीय घटना है.

ग्रहण को ऐसे समझ सकते हैं कि ‘चंद्र ग्रहण’ तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के मध्य पृथ्वी आ जाती है. वहीं पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आने से ‘सूर्य ग्रहण’ पड़ता है,सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ता है.चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है. ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों। इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है् चंद्रग्रहण का प्रकार एवं अवधि चंद्र आसंधियों के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं.चांद के इस रूप को ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है, चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे सुर्ख लाल रंग में तब्दील होता।

इस राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण

5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण धनु राशि में लग रहा है. धनु राशि पर चंद्र ग्रहण का अधिक प्रभाव देखा जाएगा. ग्रहण के समय चंद्रमा पीड़ित हो जाता है. पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य मिथुन राशि में होगें और पूर्णिमा तिथि होगी. इस चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल मान्य नहीं होगा. ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल को एक शुभ समय अवधि नहीं माना गया है. सूतक काल में किसी भी प्रकार के धार्मिक और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. लेकिन 5 जुलाई को लगने जा रहे चंद्र ग्रहण में सूतक काल नहीं माना जाएगा, क्योंकि इस ग्रहण को उपछाया ग्रहण कहा जाता है. इस तरह के ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होता है.
इस ग्रहण की अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 24 सेकेंड की होगी. यह ग्रहण 5 जुलाई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट से आरंभ होगा.

धनु राशि वालों को रखना को विशेष ध्यान

चंद्र ग्रहण के दौरान धनु राशि के जातकों को विशेष ध्यान रखना होगा. इस ग्रहण सबसे अधिक प्रभाव धनु राशि पर ही देखा जाएगा. ग्रहण के कारण मानसित तनाव, सेहत से जुड़ी कोई समस्या और माता को कष्ट आदि हो सकता है. ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा करें. सोमवार का व्रत रखें.

सूतक काल मान्य नहीं होगा

पंडित चिंतामणी जोशी के अनुसार 5 जुलाई को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा यानि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे. पूजा पाठ और भोजन से जुड़े कार्य किया जा सकेंगे. लेकिन फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन करना जरूरी है. उप छाया चंद्र ग्रहण आगामी 05 जुलाई को लगेगा. यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ हिस्से अमेरिका, यूरोप व ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा. चौथा उप छाया चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगेगा यह एशिया, आस्ट्रेलिया, प्रशांत #महासागर, अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. इन सभी उप छाया ग्रहणों में सूतक काल मान्य नहीं होंगे.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related