नयी तकनीक नहीं अपनायी तो बन्द हो सकते हैं ईंट-भट्ठे
प्रदेश में मौजूदा समय में तमाम ईंट-भट्टे नियमों के विपरीत चल रहें हैं, जिन्हें अब नयी तकनीक अपनाने पर जोर देना होगा नहीं तो इन्हें जल्द ही बन्द कर दिया जायेगा। जानकारी के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देश के अनुसार इन्हें अब जिग-जैग ब्रिक तकनीक अपनानी होगी, तभी यह उत्तराखंड में सही तरीके से चल पायेंगे अन्यथा की स्थिति में उन्हें बन्द कर दिये जायेंगे।
वहीं इसके संबंध में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरिद्वार और उधमसिंह नगर में चल रहे ईंट भट्टों को नोटिस थमाया गया है, जहाँ उन्हें दिशानिर्देशों को मानना होगा या फिर भट्टों को बंद करना होगा। वहीं पूर्व में भी प्रदूषण बोर्ड ने भट्टों को नोटिस जारी करके चेताया था लेकिन अभी भी कई ईंट भट्ठे उसी तकनीक पर संचालित हो रहे थे, ऐसे में उन्हें फिर इसके लिये चेताया गया है।
वहीं इसके बाबत जानकारी देते हुये बोर्ड के सदस्य ने बताया कि हरिद्वार में 195, ऊधमसिंह नगर जिले में 60 ईंट भट्ठे संचालित है, जिनमें से हरिद्वार में 133 और उधमसिंह नगर में 14 ईंट भट्टों ने जिग जैग तकनीक अपनायी है। वहीं बोर्ड ने बाकी बचे भट्टों को यह तकनीक अपनाने के लिये 15 दिनों का समय दिया है, जहाँ इसे अपनाने पर उन्हें बन्द कर दिया जायेगा।

