Joshimath Crisis: भू धंसाव से जमीन पर आया होटल कारोबार, जोशीमठ में हालात खराब

उत्तराखंडJoshimath Crisis: भू धंसाव से जमीन पर आया होटल कारोबार, जोशीमठ में...

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जोशीमठ। उत्तराखंड में मसूरी के बाद जोशीमठ ऐसी जगह है। जहां पर पूरे साल पर्यटक आते रहते हैं। पर्यटकों के आने—जाने से यहां हर साल 60 से 70 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। जिसमें 30 करोड़ रुपए से अधिक होटल और होम स्टे व्यवसाय का कारोबार शामिल है।

जोशीमठ भू-धंसाव से प्रभावित होने के कारण सभी प्रकार का कारोबार सिमट गया है। जोशीमठ में होटल, होम स्टे में इस वर्ष दो जनवरी तक मिली 75 प्रतिशत बुकिंग रद्द की जा चुकी हैं। संचालकों ने अपने स्टॉफ में कटौती कर दी है।

जोशीमठ में 68 होटल और 101 होम स्टे संचालित

जोशीमठ में 68 होटल और 101 होम स्टे संचालित होते हैं। जो जोशीमठ होटल एसोसिएशन के अंतर्गत पंजीकृत हैं। इन सभी होटल और होम स्टे में बीते साल तक पूरे 12 महीने बुकिंग फुल रहती थी। कोरोना काल के बाद दिसंबर 2021 से जनवरी 2022 तक सिर्फ एक महीने में जोशीमठ में 40 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ।

भू-धंसाव से बिगड़े हालात से कारोबार हाशिए पर

बीते 2 जनवरी तक होटलों, होम स्टे को 75 प्रतिशत बुकिंग मिलती थीं। लेकिन भू-धंसाव से बिगड़े हालातों ने कारोबार को हाशिए पर ला दिया है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि बीते साल 25 दिसंबर 2022 से 2 जनवरी 2023 तक पूरे सीजन की बुकिंग मिल गईं थी। लेकिन अब सब रद्द की जा चुकी है।

होटल, होम स्टे से लेकर रेस्टोरेंट में बीते 15 दिनों में फल, सब्जी, दूध, राशन, मक्खन, दही, अंडा, मांस, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, फास्ट फूड सामग्री की मांग में 70 प्रतिशत की कमी आई है। होटल व्यवसायी बताते हैं कि पर्यटकों के नहीं आने से सभी चीजों की खपत बहुत कम हो गई है। गांवों से दूध की खरीद कम हो गई है।

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