नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने अगले महीने खेले जाने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड के दौरे पर 4 महीने के लिये जाने वाली इस 20 सदस्यीय टीम का ऐलान होने के बाद से ही टीम सेलेक्शन काफी चर्चा का विषय बन गया है। जहां टीम में हरफनमौला खिलाड़ी रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी की चोट के बाद वापसी हो रही है तो वहीं पर खराब फॉर्म में चल रहे हनुमा विहारी को भी मौका दिया गया है। टीम में कुलदीप यादव को मौका नहीं दिया गया है जिनके करियर का ग्राफ 2019 विश्व कप के बाद से ही नीचे की ओर गिरे जा रहा है।
पिछले 2 सालों से कुलदीप यादव का टीम में चयन और न चुना जाना दोनों ही खेल जगत में चर्चा का सबसे बड़ा विषय रहा है। 2019 विश्व कप से पहले यह बायें हाथ का स्पिन गेंदबाज भारतीय टीम का सीमित ओवर्स प्रारूप में नियमित सदस्य था और उस समय में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी था। इसके दम पर कुलदीप यादव को टेस्ट कैप भी मिली जहां पर उन्होंने 7 मैचों में 2 बार 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा किया।
हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने अपनी फॉर्म खो दी और फिर आत्म-विश्वास भी जिसका असर टीम में उनकी जगह पर भी दिखा, जहां पहले उन्होंने भारतीय टीम से अपनी जगह खोई तो वहीं पर आईपीएल में अपनी फ्रैंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स से भी ज्यादातर मैचों में बेंच पर बैठे नजर आये। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की टीम पर टिप्पणी करते हुए बताया कि कुलदीप यादव को टीम में जगह दी सकती थी लेकिन किस कारण से वो जगह नहीं बना सके।

