- लोग मना रहे कि कोरोना काल में डेथ न हो किसी की तो अच्छा
- फेसबुक पर पत्रकार ने लोगों को हो रही परेशानी जाहिर की
- मेरठ में दूसरे का शव थमाया, परिजन दूसरे के शव के साथ रोते रहे
अमित बिश्नोई
मेरठ। कोरोना लोगों को न भूलने वाले जख्म दे रहा है. कोरोना वायरस की चपेट में आने से अपनों के जाने के गम में डूबे लोगों के साथ एक ऐसा वाकया जुड़ता जा रहा है जो उन्हें जीवन भर न भूलने वाला गम दे रहा है. इसके पीछे प्रशासनिक मशीनरी से जुड़े कुछ लोग बड़ा कारण है. दरअसल, बहुत से शहरों में देखा जा रहा है कि कोरोना पेशेंट की मौत के बाद अगर परिजनों ने मुट्ठी गर्म कर दी तो ठीक नहीं तो शव की बेकदरी हो रही है. यदि कोई वीआईपी है तो कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ा दी जा रही है यदि नहीं तो शव की बेकदरी कई केसों में हो जाती है.
एक प्रमुख अखबार में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अमित मिश्रा ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि ये कोरोना बड़ी अजीब चीज है भाई, मौत में भी वीआईपी प्रोटोकॉल का ध्यान रखता है. कोई नेता स्वर्ग सिधारता है तो सलामी मिलती ही है साथ में घर परिवार के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं, वह भी पूरे तामझाम के साथ. दूसरी तरफ सामान्य कोरोना पीड़ित की मौत होती है तो उसे कंधा तक नसीब नहीं होता. बल्कि दो कोरोना फाइटर स्वास्थ्य कर्मी उठाकर उसे शमसान घाट पहुंचा देते हैं. बाकि वहां क्या होता है यह खुद ही समझ सकते हैं. वीआईपी कल्चर
मेरठ में तो शव ही बदलकर दे दिया
मेरठ में कोरोना पेशेंट के इलाज पर लगातार सवाल खड़े होते आए है. अब इस कड़ी में एक मामला और जुड़ गया है. लकवाग्रस्त मेरठ के मोदीनगर निवासी गुरुवचन लाल को पैरालाइसिस का अटैक पड़ने पर मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया था.उपचार के दौरान गुरुवचन लाल की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी. शनिवार को गुरुवचन लाल की मृत्यु हो जाने के बाद मेडिकल काॅलेज स्टाफ में उनका शव परिजनों को सौंप दिया. दुखी मन से परिजन गुरुवचन लाल का अंतिम संस्कार करने लगे. इसी दौरान उन्हें पता चला कि जिस शव का अंतिम संस्कार वह कर रहे हैं वह शव गुरुवचन लाल का नहीं है.परिजनों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हुए गुरुवचन लाल का शव दिलाए जाने तथा दिए गए शव को उसके वास्तविक परिजनों तक पहुंचाने की मांग की। परिजनों का कहना है कि उक्त मामले में अधिकारियों को दोषी मेडिकल स्टाॅफ पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिये ताकि ऐसा किसी और के साथ न हो.जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं.

