बस अब कुछ घंटों की बात है जब राम लला अपने नए घर में प्राण प्रतिष्ठा के साथ विराजमान हो जाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर के लिए पूरी अयोध्या सज संवरकर अध्यात्म के रंग में सराबोर हो चुकी है. प्राण प्रतिष्ठा की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कल अयोध्या में कौन कौन सी हस्तियां आने वाली है इसके बारे में अबतक सबको पता चल चुका होगा। यहाँ हम बताने जा रहे हैं कि कल दिन भर अयोध्या में क्या क्या होने वाला है और किस समय होने वाला है.
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह सुबह 10 बजे से ‘मंगल ध्वनि’ से शुरू होगा. इस मौके पर विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक वाद्ययंत्र लगभग दो घंटे मनोरम धुन बिखरेंगे. प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले सभी अतिथियों को 10:30 बजे तक रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करना होगा. लोगों को इंट्री श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जारी निमंत्रण पत्र से ही हो सकेगी. निमंत्रण कार्ड पर बने क्यूआर कोड के मिलान के बाद ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी.
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि दोपहर 12:20 बजे से शुरू होगी. मुख्य पूजा अभिजीत मुहूर्त में होगी. शुभ मुहूर्त 12 बजकर 29 मिनट एवं 08 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट एवं 32 सेकंड तक का रहेगा. प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त मात्र 84 सेकंड का होगा. प्राण प्रतिष्ठान अनुष्ठान काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ और आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निर्देशन में 121 वैदिक आचार्य द्वारा कराए जाएंगे. इस दौरान 150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य और 50 से अधिक गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी, आदिवासी, जनजातीय भी मौजूद रहेंगे. दोपहर एक बजे तक प्राण प्रतिष्ठा का पूरा कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा. पूजा-विधि समाप्त होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत मनोभाव प्रकट करेंगे. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास भी इस मौके पर अपना वक्तव्य रखेंगे.
पीएम मोदी कल चार घंटे अयोध्या में रहेंगे. सुबह 10:25 बजे अयोध्या एयरपोर्ट एवं 10:55 पर राम जन्मभूमि पहुंचने के बाद प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने और एक बजे मनोभाव प्रकट करने का उनका कार्यक्रम है. उसके बाद कुबेर टीला का दर्शन कर वो दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के बाद, मंदिर के द्वार भक्तों के लिए आरती समारोह में भाग लेने के लिए खुलेंगे.

