लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को केन-बेतवा नदियों से जोड़ने के लिए करार पत्र पर हस्ताक्षर किये। आज विश्व जल दिवस के अवसर पर किया गया यह त्रिस्तरीय समझौता अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक करार है, जो पूरे बुन्देलखण्ड के सुनहरे भविष्य की भाग्य रेखा साबित होगा। इस परियोजना से जहां बेहतर जल प्रबन्धन सम्भव हो सकेगा, वहीं दूसरी तरफ बुन्देलखण्ड के लोगों को जल की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। यह इस क्षेत्र की प्रगति का कारक भी बनेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना अब मूर्तरूप ले रही है। यह एक क्रान्तिकारी कदम है, जिससे इस क्षेत्र की जनता लम्बे समय तक लाभान्वित होगी। उन्होंने बुन्देलखण्ड के लोगों से इस योजना को शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के लिए पूरा सहयोग देने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि इस समझौते से उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद बांदा, झांसी, महोबा, ललितपुर एवं हमीरपुर में कुल 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध एवं सुदृढ़ की जाएगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी, महोबा, ललितपुर एवं हमीरपुर में पेयजल हेतु 21 लाख जनसंख्या को 67 मिलियन क्यूबिक मीटर जल उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के अन्तर्गत मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद में केन नदी पर दौधन बांध बनाया जाएगा, जिससे 221 किलोमीटर लम्बा लिंक चैनल निकाला जाएगा, जो कि झांसी के निकट बरुआ में बेतवा नदी को जल उपलब्ध कराएगा।

