दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज गुजरात में दूसरी गारंटी का एलान किया जिसमें रोज़गार देने की बात कही और रोज़गार न मिलने पर युवाओं को 3 हज़ार रूपये महीना देने का वादा किया। केजरीवाल ने इससे पहले मुफ्त बिजली की गारंटी दी थी. केजरीवाल ने कहा कि भाजपा को वोट दोगे तो ज़हरीली शराब से मौतें मिलेंगी और आम आदमी पार्टी को वोट दोगे रोज़गार मिलेगा, अच्छी शिक्षा मिलेगी. केजरीवाल आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट में वेरावल में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे.
गुजरात ने सोमनाथ की पावन धरती पर प्रण लिया कि सरकार बनने पर पांच साल में गुजरात के हर बेरोज़गार युवा को रोज़गार मिलेगा और जब तक रोज़गार नहीं मिलेगा तब तक हर महीने तीन हज़ार रूपये बेरोज़गारी भत्ता मिलेगा। केजरीवाल ने युवाओं से कहा कि अब मायूस होने की ज़रुरत नहीं आपका भाई आ चूका है, आत्महत्या करने की ज़रुरत नहीं अब सभी को रोज़गार मिलेगा बस चार पांच महीनों की देर है. केजरीवाल ने कहा कि मैं पढ़ा लिखा हूँ मुझे रोज़गार देना आता है और मैंने दिल्ली में 12 लाख लोगों को रोज़गार दिया है और अगले पांच साल में 20 लाख रोज़गार और देंगे।
Read also: Gujarat Chunavi Dangal : जहरीली शराब से अब तक हो चुकी 35 की मृत्यु, बढ़ रहा मरने वालों का आंकड़ा
इसी गारंटी के तहत केजरीवाल ने आगे कहा कि सत्ता में आने हम 10 लाख सरकारी नौकरियां निकालेंगे। पेपर लीक के खिलाफ केजरीवाल ने कानून लाने की बात कही, इसके साथ कोआपरेटिव सेक्टर में नौकरियों में पारदर्शिता लाने की बात कही. अपने सम्बोधन में केजरीवाल ने कहा कि ज़हरीली शराब से मरने वालों के परिवारों से न तो मुख्यमंत्री मिले और न ही प्रदेश अध्यक्ष. केजरीवाल ने कहा की उन्हें एक बीजेपी नेता ने बताया कि इससे वोट पर असर नहीं पड़ेगा, केजरीवाल ने कहा कि हर काम वोट के लिए नहीं होता, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री यहाँ पीड़ितों से मिलने आ सकते हैं तो गुजरात के क्यों नहीं ?
फ्री रेवड़ी की बात पर केजरीवाल ने कहा कि भाजपा साड़ी फ्री रेवड़ी अपने मंत्रियों और अपने दोस्तों में बांटती है, आम आदमी पार्टी फ्री की रेवड़ी जनता में बांटती है, केजरीवाल सारी रेवड़ी जनता के बीच बांटना चाहता है. केजरीवाल ने कहा कि फ्री रेवड़ी पर देश में बहस होनी चाहिए। क्या देश की जनता को मुफ्त में बिजली देना, मुफ्त शिक्षा देना क्या गलत है, मुफ्त रेवड़ी का विरोध करने वालों की दरअसल नीयत खराब है.

