दिल्ली के स्कूलों को AAP सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि मानते हैं अरविन्द केजरीवाल, इसलिए दिल्ली और दिल्ली के बाहर चाहे चुनावी हो या फिर कोई अन्य कार्यक्रम वह दिल्ली के स्कूलों की चर्चा करना नहीं भूलते। दिल्ली के मुख्यमंत्री स्कूलों को लेकर अक्सर भाजपा शासित राज्यों पर भी हमलावर रहते हैं और दिल्ली व उस राज्य के स्कूलों की तुलना कर हमला बोलते रहते हैं. इसी कड़ी में स्कूलों को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से केजरीवाल की काफी दिनों से ट्वीटर वार चल रही है. केजरीवाल ने अब इस मामले में बिस्वा सरमा से पूछा है कि वह असम के स्कूल देखने कब आएं, इसके आगे वह कटाक्ष भरे शब्दों में कहते हैं कि अगर स्कूल अच्छे नहीं हैं तो कोई बात नहीं, दोनों मिलकर ठीक करेंगे।
बता दें कि अरविन्द केजरीवाल ने यह ट्वीट हिमंत बिस्वा सरमा के उस ट्वीट के जवाब में आया है जिसमें असम के मुख्यमंत्री ने केजरीवाल से सवाल करते हुए लिखा था कि आप दिल्ली को लंदन और पेरिस बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए थे. जब कुछ नहीं कर पाए तो आपने दिल्ली की तुलना असम व नॉर्थईस्ट के छोटे शहरों से शुरू कर दी! हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे लिखा कि यकीन मानिए दिल्ली शहर जैसे संसाधन भाजपा को मिल जाय तो पार्टी उसे दुनिया का सबसे समृद्ध शहर बना दे.
दरअसल दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह ट्विटर वॉर तब से जारी है जब गुवाहाटी में पब्लिक सेक्टर के 16 स्कूलों के बंद होने के बाद राज्य सरकार ने 34 और सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया था क्योंकि वह एक भी छात्र 2022 में हाईस्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा में पास नहीं हुआ. केजरीवाल ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए तब ट्वीट किया था कि स्कूलों को बंद करना कोई समाधान नहीं बल्कि हमें देश में ढेरों नए स्कूल खोलने की ज़रूरत है. केजरीवाल ने कहा कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूल को उसमें पढाई का स्तर सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।

