कश्मीर में लक्षित हत्याओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, सरकार को भी अब लगने लगा है कि मामला उनके हाथ से निकलता जा रहा है. कश्मीर में रहने वाले हिन्दुओं विशेषकर कश्मीरी पंडितों के बढ़ते विरोध को सरकार ने अब दबाने और छुपाने का काम शुरू कर दिया है. जानकारी के अनुसार कश्मीरी पंडितों ने सरकार को वार्निंग दी है कि जल्द ही अगर उन्हें सुरक्षित जगहों पर न पहुँचाया गया तो वह खुद ही कश्मीर छोड़कर चले जायेंगे।
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खबर के अनुसार कश्मीरी पंडितों की इस धमकी के बाद सरकार ने अब उनको उनके शिविरों तक सीमित कर दिया है, उनके शिविरों से बाहर जाने पर पाबन्दी लगा दी गयी है और सुरक्षा बढ़ा दी गयी है, वहीँ सरकार ने एक और निर्णय लिया है. अब कश्मीरी के दूर दराज़ इलाकों में नौकरी करने वाले हिन्दुओं को जिला हेडक्वार्टर ट्रांसफर किया जायेगा ताकि उनकी आसानी से सुरक्षा की जा सके. सरकार द्वारा ट्रांसफर की इस प्रक्रिया को 6 जून तक पूरा कर लिया जायेगा।
वहीँ कश्मीर में बढ़ती हुई टारगेट किलिंग को लेकर देश के गृहमन्त्री अमित शाह 3 जून को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और दूसरे अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे। बता दें कि मंगलवार को कुलगाम में एक हिन्दू शिक्षिका की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी, उससे पहले आतंकियों ने राहुल भट्ट नाम के एक तहसील कर्मचारी को ऑफिस में जाकर गोली मार दी थी, इसके अलावा आतंकियों ने टीवी कलाकार अमरीन भट को भी मौत के घाट उतारा था.
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कश्मीर में बढ़ती हिंसा को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गाँधी ने आज केंद्र सरकार को घेरते कहा कि पांच महीनों के अंदर आतंकवादियों ने 18 लोगों को मौत के घाट उतारा, मुठभेड़ में 15 जवानों को शहीद होना पड़ा, यही है आज के कश्मीर की हकीकत।

