बिहार में भाजपा और जेडीयू के बीच हुई तलाक़ के बाद से दोनों ही दलों के बीच की दूरियां दुश्मनी में बदलती जा रही हैं, भाजपा जहां सत्ता की हनक दिखाते हुए अपने पुराने सहयोगी के विधायकों को तोड़कर उसे उसकी औकात दिखाना चाहती है वहीँ जेडीयू भी 2024 के लोकसभा चुनावों में उसे देख लेने की चेतावनी देती है. दरअसल जीडीयू से अलग होने के बाद भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में जेडीयू विधायकों को तोड़कर नितीश को सन्देश दिया कि उससे दुश्मनी कितनी मंहगी पड़ सकती है.
वहीँ भाजपा की इस हरकत पर जेडीयू के नेता राजीव रंजन ललन सिंह ने कहा कि भाजपा जेडीयू मुक्त अरुणाचल और मणिपुर का सपना देख रही है. जेडीयू ने कहा कि इन दोनों राज्यों में आपने जो कुछ किया उससे आपका नैतिक आचरण एकबार फिर सबके सामने आ गया है. ललन सिंह ने कहा घबराइए मत, 2024 आने वाला है, बस इंतज़ार कीजिये क्योंकि जुमलेबाजों की सरकार जाने वाली है.
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ललन सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र में भाजपा ने अपने नैतिक पतन का जो नमून पेश किया था उसका एक सबूत अरुणाचल और मणिपुर है. जेडीयू नेता ने कहा कि बिहार में भी भाजपा महाराष्ट्र की तर्ज़ पर ऑपरेशन लोटस चलाना चाहती थी लेकिन में लोगों की रग रग में राजनीति बसी हुई है, यहाँ उनका बस नहीं चला तो अब दिल्ली में हाथ आज़मा रहे हैं. ललन सिंह ने कहा कि भाजपा हमारी पार्टी में मौजूद अपने एक एजेंट के द्वारा महाराष्ट्र का खेल खेलना चाहती थी. बता दें कि मणिपुर में JDU के छह में से पांच विधायक शुक्रवार को सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए.

