अमित बिश्नोई
कहते हैं कि प्यार ऐसी चीज़ है जो किसी भी बंधन में नहीं बंधती और न ही उसकी कोई सीमा होती। लैला मजनूँ, शीरीं फरहाद, हीर राँझा, रोमियो जूलियट के ज़माने भी नहीं थी और आज के वर्चुअल ज़माने में भी नहीं। फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफॉर्म ने दुनिया को बहुत छोटा और बहुत करीब कर दिया है. इन प्लैटफॉर्म्स पर अक्सर प्यार को परवान चढ़ते हुए देखा गया है, सरहदों के बंधनों को टूटते हुए देखा गया है. ऐसी ही एक कहानी फर्रुखाबाद ज़िले के मोहम्मद जमाल और पाकिस्तान में रहने वाली इरम की भी है जिन्हें दोनों पड़ोसी देशों की प्रतिद्वंदिता भी एक होने में बाधक नहीं बन सकी.
दरअसल उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के एक 23 वर्षीय जरदोजी कारीगर को फेसबुक के जरिए एक लड़की से प्यार हो गया। प्यार जब परवान चढ़ा तो जरदोजी कारीगर मोहम्मद जमाल को पता चला कि लड़की पाकिस्तानी है। लेकिन प्यार तो प्यार ही होता, पाकिस्तान हो या जापान , सरहदों को नहीं देखता। तो जनाब जमाल साहब भी सरहदें लांघ गए और पहुँच गए अपने सच्चे प्यार के पास, उसे सदा के लिए अपना बनाने के लिए और 17 जून को उन्होंने पाकिस्तान की बेटी इरम से निकाह करके अपना शरीके हयात बना लिया।
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वहीँ जमाल के पिता अलीमुद्दीन भी अपनी बहू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसके भव्य स्वागत का पूरा इंतज़ाम करने में जुटे हुए हैं । वहीँ फर्रुखाबाद प्रशासन ने देश में पाकिस्तान विरोधी माहौल को देखते हुए वादा किया कि वे नव दंपति और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएंगे। नियमों के हिसाब से इरम को अभी एक साल का अस्थायी वीज़ा मिलेगा, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है और उसके बाद विशेष नियमों के तहत इरम को स्थाई नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा। फिलहाल मोहम्मद जावेद अभी हवाओं में गर्दिश कर रहे हैं, उन्हें उनका मनचाहा प्यार जो मिल गया है.

