मेरठ। गत दिनों हुई बारिश से सरसों की फसल को काफी नुकसान होना बताया जा रहा है। इसके चलते किसानों में भारी निराशा है। बता दें कि पिछले दिनों तीन दिन तक लगातार बारिश हुई थी। जिसके कारण तापमान में भी काफी कमी आई थी। जनवरी का पूरा महीना बारिश वाला ही रहा। इस बार बारिश ने जनवरी में रिकार्ड तोड़ दिया। जनवरी की बारिश किसानों के लिए आफत साबित हुई। बता दे कि गत दिनों रुक-रुक कर हुई बारिश से मेरठ सहित पूरे उप्र में रबी फसल की बुवाई में इसका असर पड़ा है। किसानों ने सरसों की फसल के लिए खेत तैयार कर लिए थे। उस दौरान हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया। जिससे फसल देरी से बोई जा सकी। रही सही कसर उसके बाद फिर हुई बारिश ने पूरी कर दी। इस बारिश से सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसी के साथ खेतों में पड़ी बाजरा और तिल की फसल को भी बारिश से नुकसान हुआ।
कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक आरएस सेंगर ने बताया कि जनवरी की बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इससे मेरठ ही नहीं बल्कि अन्य जिलों के किसानों को भी फसल में भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि बारिश ऐसे समय पर आई थी जब किसानो सरसों, गेहूं व आलू की फसल तैयार करने में लगा हुआ था। जिस समय सरसों फसल कार्य होता है उस समय बारिश ने सरसों की पूरी फसल ही बर्बाद कर दी। बारिश के कारण सरसों का बीज मिट्टी में दब गया और वह ठीक तरह से अंकुरित नहीं हो पाया। जिससे उपज पर इसका भारी असर पड़ेगा।

