- चार दिन तक थाने के चक्कर काटती रही दुष्कर्म पीड़िता
- पीड़िता की मौत के बाद जागी पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार
आजमगढ़। महिला उत्पीड़न रोकने और प्रत्येक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने का दावा करती योगी सरकार के राज में एक दुष्कर्म पीड़िता के आत्महत्या कर लेने के बाद ही पुलिस जागी और आरोपी को गिरफ्तार किया। दुष्कर्म पीड़िता न्याय पाने के लिये चार दिन तक थाने के चक्कर काटती रही मगर उसकी किसी ने सुनवाई नहीं की। आरोपी खुला घुमता देख हो रही बदनामी के कारण पीड़िता ने जहर खाकर जान दे दी। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद इस मामले में कार्रवाई न करने के दोषी दारोगा को भी निलंबित कर दिया है।
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आजमगढ़ जिले के मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक 54 साल की महिला ने 5 अक्टूबर की रात को गांव निवासी अनिल सिंह और एक अन्य पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पीड़िता के पति ने बताया कि उसने पीड़ित पत्नी के साथ थाने पहुंच कर शिकायत दी मगर दारोगा चुन्ना सिंह और विनोद कुमार उन पर समझौता करने का दबाव बनाते रहे। चार दिन तक पीड़िता थाने के चक्कर काटती रही मगर पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई नहीं की। वहीं आरोपी अनिल सिंह गांव में महिला को दो लाख रुपये देकर समझौता करने की बात कहता रहा। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने से परेशान पीड़िता ने 9 अक्टूबर को जहर खा लिया जिससे उसकी मौत हो गयी।
दुष्कर्म पीड़िता के आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। शनिवार देर रात आरोपी अनिल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं पुलिस विभाग की बदनामी होने पर दोषी दारोगा चुन्ना सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है।
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आजमगढ़ जिले में न्याय न मिलने के कारण दुष्कर्म पीड़िता के जान दे देने को पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के मुंह पर करारा तमाचा बताया है। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।

