वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए आज पूरे छह महीने हो चुके हैं। आज ही के दिन 24 फरवरी को रुस ने यूक्रेन पर हमला कर युद्ध की शुरूआत की थी। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले जारी रहते हुए आज बुधवार को पूरे छह माह हो गए हैं। इस बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों से यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है। अमेरिका को अब आशंका है कि रूस अब अगले कुछ दिनों में नागरिक और यूक्रेन के बुनियादी ढांचे पर हमले की तैयारी में है। हमले की आशंका को देखते हुए यूक्रेन ने सोवियत शासन से स्वतंत्रता की वर्षगांठ पर कीव में समारोहों पर पाबंदी लगाने की घोषणा पहले ही की है। इस बीच रूसी सेना द्वारा दक्षिण-पूर्व यूक्रेन के जपोरिझिया क्षेत्र में तोपखाने और हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यहां यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है।
इलाके में रूसी सेना एक बड़े क्षेत्र को नियंत्रित कर रही है। जिसमें काला सागर और पूर्वी दोनबास का हिस्सा शामिल है। करीब छह महीने बीतने के बाद युद्ध में फिलहाल शांति की संभावनाएं नहीं के बराबर दिखाई दे रही हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आशंका जताई कि स्वतंत्रता दिवस से पहले रूस बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यूक्रेन में लोग डरे हुए हैं कि स्वतंत्रता दिवस पर छुट्टी के दिन रूस सरकारी और नागरिक लक्ष्यों को निशाना बना सकता है। अमेरिका ने पहले ही कह दिया है कि रूस आगामी दिनों में यूक्रेन के असैन्य आधारभूत ढांचे और सरकारी सुविधाओं पर हमले करने की योजना बना रहा है। सबसे अधिक भय यूक्रेन स्थित यूरोप के बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले को लेकर है। अमेरिका ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मॉस्को के नेतृत्व और कुलीन वर्ग के लोगों समेत करीब पांच हजार नागरिकों पर प्रतिबंध लगा दिया है। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नेड प्राइस ने पुष्टि करते हुए कहा कि हम रूसी हमले में शामिल लोगों की पहचान कर रहे हैं। उनके आचरण के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। हम क्रेमलिन की जवाबदेही तय करने के लिए उपायों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस, यूक्रेन के लोकतंत्र व नागरिकों की स्वतंत्रता पर प्रहार कर रहा है।

