काबुल। आतंकी हमले में अमरीकी सैनिकों के मारे जाने से आहत व आक्रोशित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि हम उन्हें माफ नहीं करेंगे। इस घटना को हम नहीं भूलेंगे। आतंकियो को साफ लहजे में चेताया कि, हम चुन-चुनकर तुम्हारा शिकार करेंगे और मारेंगे और हर हाल में उन्हें इसका अंजाम भुगतना ही होगा। कहा कि हालांकि, काबुल हवाईअड्डे पर हुए हमलों में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है फिर भी हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे। हम अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे और हमारा मिशन आगे भी जारी रहेगा।
अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए दिल दहला देने वाले धमाकों के बाद गुरुवार को आदेश दिया कि 30 अगस्त तक संयुक्त राज्य का झंडा व्हाइट हाउस ही नहीं सभी सार्वजनिक भवनों और मैदानों में आधा झुकाकर रखा जाना है। यह फैसला उन पीडि़तों को सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से है जो काबुल हमले के शिकार हुए।
Read also: भारत को जल्द पता चल जाएगा कि तालिबान अफगानिस्तान को सुचारू रूप से चला सकता है : तालिबान नेता
इस बीच जहां एक ओर जहां आईएसआईएस ने इस आतंकी हमले की जिम्मेवारी ली है, तो दूसरी ओर तालिबान ने तो इसका ठीकरा अमरीका पर ही फोड़ा है। काबुल में धमाका करने वाले आतंकियों को बुरा-भला सुनाने के बदले तालिबान अमरीका को ही इस हमले का शातिर बता रहा है। तालिबान के मुताबिक, अमरीकी सैनिकों ने अपने हथियारों को ध्वस्त करने के लिए यह धमाके कराए हैं।
माजूम हो कि अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के पास गुरुवार को हुए सीरियल बम विस्फोटो में अमरीका के 13 जवानों की जान चली गई है। काबुल एयरपोर्ट पर हुए दिल दहला देने वाले विस्फोटो में 12 अमरीकी नौसैनिकों और एक नौसेना का हेल्थ वर्कर शामिल था। इन बम धमाकों में अब तक कुल 72 लोगों के मारे जाने की सूवना है। विस्फोटों के बाद भी अमरीका अपने लोगों को वहां से निकालने का अभियान नहीं रोकेगा। राष्ट्रपति जो बाइडन ने ऐलान किया है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को निकालने का मिशन जारी रहेगा।
Read also: अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था में रूसी भागीदारी के लिए तालिबान तैयार

