सिंगापुर। देश में गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लागू होने का असर सिंगापुर में पड़ा है। सिंगापुर में आटा 800 रुपये से लेकर 900 रुपये प्रतिकिग्रा तक बिक रहा है। आटे पर महंगाई का असर सिंगापुर के होटलों और वहां के भोजनालयों के अलावा लोगों के घरों में भी पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार रोटी पसंद करने वाले पंजाबी समुदाय को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। सुपरमार्केट श्रृंखला फेयरप्राइस ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में मांग बढ़ने के कारण गेहूं आटे की आपूर्ति कम रही है। भारत में गेहूं और आटे के निर्यात पर प्रतिबंध के चलते ये स्थिति बन गई है। ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक फेयरप्राइस के आपूर्तिकर्ता अब श्रीलंका,ऑस्ट्रेलिया,कनाडा और अमेरिका से गेहूं का आटा मंगवा रहे हैं। जिसके चलते आटा और अधिक महंगी दरों पर लोगों को खरीदना पड़ रहा है। एक प्रमुख भोजनालय शकुंतला के प्रबंध निदेशक मथवन बालकृष्णन ने बताया कि आटे की कमी के कारण व्यापार पर इसका बुरा असर पड़ा है। इससे होटल और भोजनालय उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अपने ग्राहकों पर लागत का पूरा बोझ नहीं डाल सकते। कीमतों को कम रखने की कोशिश करनी पड़ रही है।
शकुंतला भोजनालय के एमडी मथवन ने जानकारी दी कि रेस्टोरेंट को भारत से गेहूं के आटे के लिए पांच सिंगापुर डॉलर यानी 3.48 अमेरिकी डॉलर प्रति किलो का भुगतान करना पड़ता था। यानी 250 रुपये के प्रति किग्रा आटा लेना पड़ रहा है। लेकिन अब दुबई से आने वाला आटा करीब 900 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। 2020 में सिंगापुर ने कुल गेहूं के आटे में 5.8 फीसद भारत से आयात किया गया था। गेहूं प्रसंस्करणकर्ताओं ने अग्रिम प्राधिकरण योजना (एएएस) के तहत गेहूं आयात की मंजूरी के लिए सरकार से संपर्क किया है। इसके बदले में मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात करने के लिए मंजूरी की मांग की हैं। वाणिज्य मंत्रालय अधिकारी ने कहा कि हमें गेहूं प्रसंस्करणकर्ताओं से ऐसी मांग मिली है।

