Bangladesh Economic Crisis: श्रीलंका की राह पर चल रहा बांग्लादेश, बढ़ रही महंगाई उत्पन्न हो रहा आर्थिक संकट

इंटरनेशनलBangladesh Economic Crisis: श्रीलंका की राह पर चल रहा बांग्लादेश, बढ़ रही...

Date:

ढाका। बांग्लादेश अब श्रीलंका की राह जाने की आशंका चर्चा में है। पिछले कुछ दिनों में बांग्लादेश में बढ़ी महंगाई और आर्थिक संकट इस ओर इशारा भी कर रहे हैं। वहां पर जरूरी चीजों के अभाव के कारण अब लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अब बांग्लादेश की तुलना श्रीलंका से की जा रही है। श्रीलंका सरकार बार-बार लोगों को आश्वस्त करती रही। लेकिन हालात बेकार हो गए। बांग्लादेश में हालांकि कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों और ढाका स्थित अमेरिकी राजदूत ने सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि यहां स्थिति श्रीलंका से काफी बेहतर है। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान और श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के बराबर है। बांग्लादेश के पास 39 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा है। जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका के पास मिलाकर सिर्फ 18 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा है। बांग्लादेश जीडीपी की तुलना में कर्ज का अनुपात लगभग 32 प्रतिशत है। जबकि श्रीलंका में आंकड़ा 119 प्रतिशत तक पहुंच गया था। बांग्लादेशी अर्थशास्त्रियों ने ध्यान दिलाया है कि प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में बांग्लादेश भारत से आगे है।

इसके बावजूद रिपोर्टों से साफ है कि बांग्लादेश के लोग आश्वस्त नहीं हैं। राजनीति के विशेषज्ञ शफाकत राबी के अनुसार इसकी वजह कई पहलू हैं। जो श्रीलंका और बांग्लादेश में स्थिति एक जैसे बता रहे हैं। उन्होंने एक विश्लेषण में कहा कि दोनों देशों में वंशवादी तानाशाही, भ्रष्टाचार और क्रोनी कल्चर समान पहलू हैँ। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जिस तरह श्रीलंका में राजपक्षे ने अपना वर्चस्व बना लिया। उसी तरह बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद परिवार ने अपना एकछत्र राज कायम किया है। शेख हसीना 14 साल से सत्ता में हैं। बांग्लादेश में चर्चा है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना अपनी बेटी साइमा वाजेद को उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार कर रही हैं। साइमा हर सरकारी समारोह में मां के साथ रहती हैँ। दोनों मांबेटी की तुलना महिंदा और गोटाबया राजपक्षे से की जा रही है। इसके अलावा शेख हसीना ने विदेश में रह रहे भाई सजीब वाजेद, बहन रेहाना, भतीजा और भतीजियों केे अलावा उनके बच्चों को सरकारी सुविधा दी हुई है।

Read also: पाकिस्तान के खिलाफ निडर क्रिकेट खेलेंगे: रोहित शर्मा

बांग्लादेश में चर्चा है कि जिस तरह राजपक्षे परिवार ने सफेद हाथी जैसे बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स में देश का रूपया खर्च किया वैसा ही बांग्लादेश में हो रहा है। पदमा नदी पर बने नए पुल इसी श्रेणी में गिना जा रहा है। इसके अलावा 12 बिलियन डॉलर के खर्च से बना रूपपुर परमाणु बिजली संयंत्र देश को अब तक लाभ नहीं पहुंचा सका। इनमें से कई परियोजनाओं की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक भी  आलोचना कर चुका है। पदमा पुल परियोजना के लिए वित्तीय सहायता विश्व बैंक ने बीच में रोक दी थी। इसके अलावा महंगाई और आर्थिक स्थिति को देखकर लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि कहीं श्रीलंका जैसे हालात बांग्लादेश के भी ना हो जाए।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related