देहरादून। रुस और यूक्रेन युद्ध (Russia and Ukraine War) के बीच भारत के हजारों छात्र फंसे हुए हैं ये वहां पर मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए थे। इनमें से उत्तराखंड के भी करीब 150 छात्र वहां पर फंसे हुए हैं। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए इन छात्रों में 30 देहरादून से हैं। जहां पर इनके परिजन इस समय काफी परेशान हैं। यूक्रेन में फंसे छात्र इस समय अपने परिजनों से बराबर संपर्क बनाए हुए है। यूक्रेन में एमबीबीएस दूसरे साल की पढ़ाई कर रही छात्रा देहरादून लाडपुर निवासी नमिता ने वीडियो कॉल कर अपने परिजनों को वहां के हालातों के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि यूक्रेन में अलार्म बजते ही बंकरों या बेसमेंट में जाना होता है। वहां पर कई कई घंटे गुजारने पड़ते हैंं वह भी अंधेरे में। जहां पर न तो लाइट होती है और टायलेट इत्यादी जाने की भी मनाही होती है। नमिता ने परिजनों को बताया कि भारतीय दूतावास ने संपर्क किया है और बताया है कि यूक्रेन से एक खास रूट प्लान कर सभी को वहां से बाहर निकाला जाएगा।
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नमिता के परिजन लगातार उसके संपर्क में बने हुए हैं। इसी के साथ देहरादून के सभी 30 छात्रों के परिजनों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जाए। नमिता ने वीडियो कॉल कर बताया कि वह वहां ठीक हैं, लेकिन स्थिति देखकर डर लग रहा हैं। वह जल्द अपने परिवार के पास आना चाहती है।

