अमित बिश्नोई
शायद इसीलिए क्रिकेट की दुनिया को इंडिया-पाकिस्तान के मैच का इंतज़ार रहता है. किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं होता इन दोनों के बीच खेला जाने मैच. आज भी मेलबोर्न में एक ऐसा मैच खेला गया जिसने हॉलीवुड की किसी थ्रिलर फिल्म को पीछे छोड़ दिया। मैच का फैसला अंतिम गेंद पर हुआ. अंतिम ओवर में सब कुछ हो गया, दो विकेट भी गिर गए, छक्का भी लग गया, नो बॉल भी हो गया, नो बाल पर कोहली बोल्ड भी हो गए और इसके बावजूद तीन रन भी बन गए, अश्विन की चालाकी से नवाज़ ने गेंद को वाइड भी फेंक दिया। अब एक ओवर में इससे ज़्यादा किसी क्रिकेट के फैन को और क्या चाहिए। कोहली ने फिर साबित कर दिया कि वह क्यों इतने विराट हैं, विशेषकर पाकिस्तान के खिलाफ उनका स्वर्णिम प्रदर्शन इस मैच में भी जारी रहा.
भारत के एक समय 31 रनों पर चार विकेट आउट हो चुके थे, ऐसे में विराट और हार्दिक ने न सिर्फ मैच में वापसी खेली बल्कि मैच को जीत तक पहुँचाया। कोहली ने एकबार फिर साबित कर दिया कि रन चेस में उनका कोई मुकाबला नहीं है, अबतक 18 मौके ऐसे आये जब रन चेस में विराट विकेट पर खड़े रहे और टीम को जीत दिलाई। पाकिस्तान को आखरी ओवर में 16 रनों की रक्षा करनी थी. नवाज़ आखरी ओवर फेंकने आये क्योंकि पाकिस्तान के सामने कोई विकल्प नहीं था, नवाज़ की पहली ही गेंद पर हार्दिक को आउट हो गए, दूसरी पर एक, तीसरी पर दो रन बने, चौथी गेंद पर विराट ने छक्का जड़ दिया और वह गेंद नो बॉल भी हो गयी, भारत की खुशकिस्मती देखिये नो बाल पहले वाइड हुई, रीलोड होने पर कोहली बोल्ड हो गए मगर गेंद स्टंप्स पर लगकर थर्ड मैन पर चली गयी और और तीन रन बन गए. पांचवीं गेंद पर कार्तिक विकेट गँवा बैठे, अब अंतिम गेंद पर टीम इंडिया को दो रन चाहिए थे. छठी गेंद अश्विन की चालाकी से नवाज़ वाइड कर बैठे, स्कोर बराबर हो गया, इसके बाद फेंकी गयी गेंद पर अश्विन ने चौका लगाकर टीम को एक ऐतिहासिक जीत दिला दी.
मैच के बाद कोहली रोते हुए भी नज़र आये, बाद में बाद करते कोहली ने कहा कि हारिस रउफ का ओवर सबसे crucial था. कोहली ने माना कि मैच जीतने के लिए हमें हारिस के ओवर में रन्स बनाने बहुत ज़रूरी थे. कोहली ने माना कि हारिस के इस ओवर में लगाया गया पहला छक्का उनके लिए यादगार रहेगा, कोहली ने कहा कि मैंने इतनी अच्छी टाइमिंग के साथ इससे पहले दो या तीन बार ऐसी टाइमिंग के साथ छक्का मारा है.
पाकिस्तान के 160 के जीत के लक्ष्य को पाने के लिए भारत की शुरुआत बहुत खराब हुई, रोहित, राहुल, सूर्या सभी नाकाम हो गए, अक्षर पटेल विराट की गलती से रन आउट हो गए मगर उसके बाद जो कुछ हुआ वो एक इतिहास बन गया, हालाँकि यह मैच सुपर 12 का था लेकिन किसी फाइनल से कम नहीं। इतना बड़ा और इतना रोमांचक मैच इस विश्व कप में आगे भी खेला जायेगा, थोड़ा मुश्किल है. बहरहाल जीत के साथ सुपर 12 की शुरुआत करना वह भी पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया के लिए बहुत बड़ा बूस्टर बनेगी और 15 साल बाद कप के सूखे को ख़त्म करने में मदद करेगी।

