दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ‘नेशनल एटॉमिक टाइमस्केल’ और ‘भारतीय निर्देशक द्रव्य’ राष्ट्र को समर्पित किया और नेशनल एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड लैबोरेट्री की भी आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा, “भारत के वैज्ञानिकों ने एक नहीं दो मेड इन इंडिया कोविड वैक्सीन विकसित करने में सफलता पाई है। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीन कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए देश को अपने वैज्ञानिकों के योगदान पर बहुत गर्व है।”
नए मानकों को गढ़ना है
देश वर्ष 2022 में अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और 2047 में हमारी आज़ादी के 100 वर्ष होंगे। इस दौरान हमें आत्मनिर्भर भारत के नए संकल्पों को ध्यान में रखते हुए नए मानकों को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ना ही है।
CSIR-NPL भारत का ‘टाइम कीपर’
PM मोदी ने आगे कहा, CSIR-NPL भारत का ‘टाइम कीपर’ है यानी भारत के समय की देखरेख और व्यवस्था आपके ही जिम्मे है। जब समय की जिम्मेदारी आपकी है तो समय का बदलाव भी आप से ही शुरू होगा। नए समय का, नए भविष्य का निर्माण भी आप से ही दिशा पाएगा।
लक्ष्य क्वांटिटी भी है क्वालिट भी
आज जब देश ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है तो हमें याद रखना है कि इसका लक्ष्य क्वांटिटी भी है लेकिन साथ-साथ क्वालिट भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमें दुनिया को केवल भारतीय उत्पादों से भरना नहीं है, हमें भारतीय उत्पादों को खरीदने वाले हर ग्राहक का दिल भी जीतना है।
नेशनल मेट्रोलॉजी कॉन्क्लेव 2021 का आयोजन वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (CSIR-NPL), नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है, जो अपनी स्थापना के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

