नई दिल्ली। भारत पर चीन और पाकिस्तान किसी भी मोर्चे पर हमला कर सकते हैं। इसके लिए हमको दोनों देशों की स्थिति को समझने की जरूरत है। ये बातें एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहीं। उन्होंने कहा कि हमको अपनी अस्थिर पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं की स्थिति को मिल रही मोर्चों की चुनौती के रूप में समझना होगा। उसके अनुसार ही हमको तैयारी करनी होगी। चीन और पाकिस्तान भारत पर किसी भी मोर्चे से हमला कर सकते हैं।
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सैन्य गतिरोध से लेकर, सूचना हेरफेर और ब्लैकआउट के अलावा सुरक्षा सिद्धांतों की संभावनाओं के मुताबिक हमको तैयारी करनी होगी। मौजूदा समय में देश की वायुसेना हर चुनौती से निपटने में सक्षम है। उन्होंने सर्जिकल स्टाइक में वायु सेना की भूमिका के बारे में बताया कि ये काम सिर्फ भारतीय वायु सेना ही कर सकती थी।
पाकिस्तान और चीन की मिलीभगत से मिल रही सैन्य खतरे से उभरी चुनौती पर उन्होंने कहा कि बीजिंग के साथ देश के जुड़ाव पर वैश्विक घटनाओं के अलावा भू-राजनीतिक विकास के प्रभावों के बारे में व्यापक रूप से मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत को अपने तत्काल और भविष्य के खतरों के पहचान की जरूरत है। जिससे उनका मुकाबला करने के लिए
जरूरी क्षमताएं विकसित कर सकें।
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वायु सेना प्रमुख ने कहा, तीनों सेनाओं की क्षमताओं और संसाधनों को कम नहीं आंका जाना चाहिए। उनका सर्वोत्तम उपयोग के लिए तैयार की जाने वाली थियेटर कमांड के विचार-विमर्श में निश्चित प्रगति हुई है। थिएटर कमांड में थल, नौसेना और वायु सेना की इकाइयां एक ऑपरेशनल कमांडर के तहत एकसाथ सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए काम करेंगी। मौजूदा समय में तीनों सेनाओं के पास अलग कमांड हैं। सीडीएस जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में पिछले साल तीनों सेवाओं को थिएटर कमांड योजना पर अध्ययन करने के लिए कहा था। लेकिन, दिसंबर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जनरल रावत की मृत्यु के बाद योजना के बारे में काम धीमा हो गया।

