महाराष्ट्र की सियासी उठापटक में यूँ तो पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय का नाम सामने आ रहा था लेकिन अब ED की इस खेल में आधिकारिक रूप से इंट्री हो चुकी है. एनफोर्समेंट डाइरेक्टरेट ने शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को मनी लॉन्ड्रिंग का नोटिस भेजकर उन्हें कल ही पूछताछ के लिए बुलाया है. कहा जा रहा कि ED उनसे पात्रा चाल ज़मीन के बारे में धनशोधन रोकथाम कानून के तहत पूछताछ करेगी। शिवसेना सांसद को 28 जून को ED दफ्तर में अधिकारीयों के सामने पेश होने को कहा है. बता दें कि इससे पहले ED उनके दादर में एक फ्लैट और अलीबाग में एक प्लाट को कुर्क कर चुकी है.
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वहीँ ED की नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि ED की नोटिस एक साज़िश है. ED ने नोटिस इसलिए भेजा है क्योंकि धोखेबाज़ी के खिलाफ बालासाहब के शिवसैनिक एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि भले ही मेरा सिर कट जाय लेकिन मैं गुवाहाटी तब भी नहीं जाऊँगा। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय संजय राउत की पत्नी से भी पूछताछ कर चूका है, इसके अलावा HDIL की सहयोगी कंपनी के निदेशक प्रवीण राउत को गिरफ्तार भी कर चुकी है. ईडी भले ही इस मामले में कार्रवाई कर रहा हो लेकिन शिवसेना प्रवक्ता कह चुके हैं कि वह ऐसे हथकंडों से बिल्कुल डरने वाले नहीं हैं.
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बता दें कि संजय राउत इस बगावत के बाद भाजपा पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि विधायकों को ED का खौफ दिखाकर बगावत करने के लिए मजबूर किया गया है. इनमें से 20 विधायक वापस लौटना चाहते हैं और उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं. इससे पहले संजय राउत ने प्रेस कांफ्रेंस में बागियों को चुनौती देते हुए कहा था वो इस्तीफ़ा देकर नया जनादेश लें. उन्हें छगन भुजबल और नारायण राणे की मिसाल देते हुए कहा था कि दूसरी पार्टियों में शामिल होने से पहले उन्होंने इस्तीफ़ा दिया था.

