जम्मू कश्मीर में चुनावी बिगुल बज चूका है, मज़बूत क्षेत्रीय पार्टियों के साथ नेशनल पार्टियों के नेता भी कश्मीर पहुँचने लगे हैं, गठजोड़ शुरू हो चुके हैं, उम्मीदवारों की घोषणा भी होने लगी है. भाजपा अकेले चुनाव लड़ रही है, जबकि इंडिया ब्लॉक् के तहत नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस पार्टी साथ में चुनाव लड़ने का एलान कर चुके है, महबूबा मुफ्ती ने अपनी बेटी को मैदान में उतार दिया है, कुछ और क्षेत्रीय पार्टियां बन चुकी हैं और चुनाव में ताल ठोंक रही हैं. लोकसभा और राज्यसभा में नेता विपक्ष राहुल गाँधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जम्मू कश्मीर कल पहुँच चुके हैं. राहुल गांधी आज श्रीनगर में हैं, यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
राहुल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी परेशानियों का समाधान किया जाएगा और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस दौरे के जरिए कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया कि वह आगामी चुनावों में जम्मू-कश्मीर के हालात को गंभीरता से लेगी और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और सम्मान की रक्षा करेगी। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के नतीजों का भी जिक्र किया और कहा कि इंडिया गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कॉन्फिडेंस को हिला दिया है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘जब देश के अलग-अलग राज्यों में चुनावों का ऐलान हुआ तो मैं खड़गे जी से मिला। तब हमने तय किया कि हमें सबसे पहले जम्मू-कश्मीर जाना चाहिए, क्योंकि हम देश के लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का प्रतिनिधित्व हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद हिंदुस्तान के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है।’ राहुल गांधी ने कहा कि आप जिस डर में जी रहे हैं, मैं उसे पूरी तरह से खत्म करना चाहता हूं। राहुल गांधी ने कहा कि मैं जानता हूं कि आप लोगों को क्या-क्या सहना पड़ता है। राहुल गांधी ने कहा कि गठबंधन तो होगा, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ होगा, क्योंकि आपने अपना पूरा जीवन कांग्रेस पार्टी के विस्तार और भारत की रक्षा में लगा दिया है।

