जो बेटे न कर सके वो देश की बेटियों ने कर दिखाया। भारत में बांग्लादेश में खेले गए एशिया कप में श्रीलंका को 8 विकेट से हराकर अपना सातवां खिताब जीत लिया। पूरे एशिया कप में भारत का प्रदर्शन ज़बरदस्त रहा, सिर्फ एक मैच जिसमें उसे पाकिस्तान के हाथों शिकस्त मिली थी. फाइनल मुकाबला बिलकुल एक तरफा रहा, टॉस जीतने के बावजूद श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 65 रन ही बना पाई. जिसे भारत ने आसानी के साथ सिर्फ 8. 2 ओवरों में पूरा कर लिया।
श्रीलंका के बल्लेबाज़ों के पास रेणुका, राजेश्वरी और राणा की ज़बरदस्त गेंदबाज़ी का कोई जवाब नहीं था, उनकी तरफ से 10वे नंबर की बल्लेबाज़ इनोका रनावीरा के बल्ले से सबसे बड़ी 18 रनों की नाबाद पारी देखने को मिली, उसके अलावा ओशादी रनासिंघे (13 रन) ही डबल फिगर में पहुँच सकीं। भारत के लिए रेणुका सिंह ने कमाल की गेंदबाज़ी की, रेणुका ने 3 ओवरों में एक मैदान रखते हुए मात्र पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किये। वहीँ राजेश्वरी गायकवाड़ और स्नेह राणा ने भी शानदार गेंदबाज़ी की और दो दो विकेट हासिल किये।
भारत के लिए शेफ़ाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स अल्प स्कोर पर ही आउट हो गयी लेकिन स्मृति मंधाना ने 51 रनों की जो धुंआधार पारी खेली वो अरसे तक याद रहेगी। मंधाना ने इस विस्फोटक पारी के लिए महज़ 25 गेंदों की मदद ली और तीन छक्के व 6 चौके लगाए, जीत के लिए विजयी छक्का कप्तान हरमनप्रीत कौर के बल्ले से निकला।
मैच के बाद हरमनप्रीत ने जीत के लिए अपने गेंदबाज़ों को श्रेय दिया। कौर ने कहा कि हमने बात की थी कि हर एक गेंद महत्वपूर्ण होगी और आज हमारी फ़ील्डिंग बढ़िया रही। आपको विकेट को पढ़कर सही जगह पर फ़ील्डर को लगाना होता है। हमने ऐसा ही किया और इसका हमें लाभ मिला। हम स्कोरबोर्ड को देख बिना अपने छोटे-छोटे लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास कर रहे थे। महिला एशिया कप में भारत का हमेशा दबदबा रहा है, अबतक खेले गए आठ एशिया कप में यह उसकी सातवीं कामयाबी है.

