- साइबर क्राइम करने वालों का पसंदीदा ठिकाना बना पश्चिमी यूपी
- मेरठ में लगातार हो रही Facebook से ठगी पर क्राइम ब्रांच को एक्टिव किया गया
मेरठ – फेसबुक यूजर है तो इस खबर को गौर से जौर पढ़ ले क्योंकि जरा सी लापरवाही में साइबर ठगों के जंजाल में आप फंस सकते हैं.पश्चिमी यूपी में यह गैंग सक्रिय है. एक के बाद एक दर्जनों ऐसे मामले सामने आ चुके हैं.आपकी फेसबुक या फिर मैसेंजर के जरिए आपके किसी परिचित की जानकारी आपकी आईडी पर जाकर ले लेते है और फोटो उठाकर फर्जी आईडी बनाकर रुपयों की मांग कर देते हैं. अपने परिचित को मुसीबत में फंसा हुआ जानकर लोग अपने एकाउंट से रकम फारवर्ड कर देते हैं.facebook
लॉकडाउन के दौरान जहां लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन
लॉकडाउन के दौरान जहां लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रहे हैं.इस पर साइबर ठगों की नजर हैं.मेरठ के क्राइम ब्रांच दफ्तर में लोग पहुंच रहे हैं. ताजे मामला गिरीश नाम के युवक के साथ हुआ है. उसने बताया कि मेरे पास मेरे परिचित राकेश जी के नाम से मैसेंजर पर एक मैसेज आया. उसमें 15000 रुपए की मांग की गई. मैंने भेज दिया बाद में जब उनके नंबर पर स्क्रीन शॉट भेजा तो उन्होंने कहा कि मैंने तो कोई मैसेज नहीं भेजा. तब जाकर मामला खुला. उधर, एक कॉलेज के संचालक की फेसबुक आईडी हैक करके हैकरों ने 15000 रुपए मांगे. उन्होंने तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए. लेकिन बाद में जब इस मामले में पूछताछ की गई तो पता लगा यह लोग फ्रॉड का शिकार हो गए.वही मेरठ की क्राइम ब्रांच अब ऐसे मामलों की जांच पड़ताल में जुट गई है. ट्रैक किया जा रहा है कि यह कौन है जो लगातार पश्चिम उत्तर प्रदेश के धनवान लोगों को निशाना बना रहे हैं.facebook
परिचित बनकर ठग रहे साइबर अपराधी
साइबर अपराधी लगातार लोगों को ठग रहे हैं. खाते में रकम भेजने का झांसा देते हैं या खुद को परिचित बताते हैं.ज्यादा बड़ी रकम शुरुआत में नहीं मांगते.इससेलोग झांसे में आ जाते हैं. ई-वॉलेट पर आने वाले मैसेज को बिना पढ़े क्लिक करते हैं, जिससे खाते से रकम कट जाती है.
अनजान कॉल पर नहीं करें विश्वास
साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, अनजान लोगों के कॉल और फेसबुक मैसेंजर्स पर आए मैसेज पर विश्वास नहीं करना चाहिए. अगर, कोई व्यक्ति परिचित और रिश्तेदार बनकर कॉल करता है, और खाते और ई-वॉलेट में रकम भेजने की कहता है तो संबंधित फेसबुक मैसेंजर पर आने वाले रुपयों की मांग वाले मैसेज की पड़ताल करें. जिस व्यक्ति की आईडी से मैसेज आ रहा है. उससे पहले पूछताछ जरूर कर लें.
क्राइम ब्रांच कर रही तहकीकात
राम अर्ज एस पी क्राइम मेरठ ने बताया की क्राइम ब्रांच अब ऐसे मामलों की जांच पड़ताल में जुट गई है। ट्रैक किया जा रहा है कि यह है हैकर कौन है जो लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। साथ ही फेसबुक आईडी हैक करके लोगों को बदनाम भी कर रहे हैं ।हालांकि अभी तक पुलिस के हाथ हैकरों का कोई सुराग नहीं लग सका है।

