अक्तूबर के महीने में मेरठ सहित पूरे देश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ते देखे जा रहे हैं। एक बार फिर मेरठ और एनसीआर में डेंगू के मामलों में उछाल आया है। मेरठ में भी डेंगू के मरीजों की संख्या अब बढ़कर 40 तक पहुंच गई है। वहीं दिल्ली में डेंगू के 300 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले सितंबर में कुल 693 केस दर्ज किए थे। डेंगू के आंकड़ों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सभी लोगों को डेंगू के खतरे से सावधानी बरतते रहना चाहिए। डेंगू में कुछ गंभीर और जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में इसे हल्के में लेने की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
चिकित्सकों की माने तो डेंगू से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक लोगों को कमजोरी-थकान की समस्याओं होती है। डेंगू के दौरान शरीर में कई प्रकार के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है। जिसे पूरा करने के लिए ठीक होने के बाद आहार पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। की गई लापरवाही के कारण लंबे समय तक कई तरह के लक्षणों का अनुभव होता रह सकता है।
डेंगू से तेज रिकवरी और पोस्ट डेंगू होने वाली कमजोरी-थकान को दूर करने के लिए तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है। रोजाना खूब तरल पदार्थ पीना चाहिए। पानी के अलावा काढ़ा, हर्बल चाय और सूप का सेवन कर सकते हैं। तरल पदार्थों के माध्यम से शरीर को हाइड्रेटेड रखने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। डेंगू में प्रभावित प्लेटलेट्स को बढ़ाने में हाइड्रेशन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स का सेवन भी जरूरी है। माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की पूर्ति के लिए विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से पूर्ण माने जाते हैं। अपने आहार में हरी सब्जियों और मौसमी फलों को शामिल करें। पपीता, सेब और अनार,विटामिन-सी, फल, विटामिन-ए, एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर आदि पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। ये शरीर को स्वस्थ रखने के साथ पाचन में सुधार लाते हैं।
