मैंने कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं: पीएम मोदी

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मैंने कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं: पीएम मोदी

  • आपदा को हमने अवसर में बदल दिया है
  • भारत में नहीं बनती थी पीपीई किट पर आज हम हर दिन 2 लाख पीपीई किट बना रहे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू हो चुका है.पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है.उन्होंने कहा कि इतनी बड़ा आपदा भारत के लिए संदेश और एक अवसर लेकर आई है. उन्होंने कहा कि मैं एक उदाहरण के साथ बताना चाहता हूं कि जब कोरोना संकट शुरू हुआ तो भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी और नाममात्र एन-95 मास्क का उत्पादन होता था.लेकिन आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज 2 लाख पीपीई और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं.हम ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि आपदा को हमने अवसर में बदल दिया है. पीएम मोदी ने कहा मैंने अपनी आंखों के सामने कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं, सब ध्वस्त हो गया था. हर तरफ मलवा ही मलवा था. ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ के सो गया है, तब किसी को भी नहीं लगा था कि हालात बदलेंगे, लेकिन कच्छ ठीक हुआ. हम ठान लें तो कुछ भी मुश्किल नहीं, ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना.

पांच पिलर पर खड़ा होना होगा
पीएम मोदी ने कहा दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है, मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है.पीएम ने कहा भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे पांच पिलर पर खड़ा रहना होगा.
पहला पिलर- इकॉनमी
दूसरा पिलर- इंफ्रास्ट्रक्चर
तीसरा पिलर- सिस्टम- जो बीती शताब्दी की रीति नीति नहीं बल्कि 21 शताब्दी की टेक्नोलॉजी आधारित हो
चौथा पिलर- डेमोग्राफी- हमारी बड़ी जनसंख्या हमारी ताकत है
पांचवा पिलर- डिमांड- हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड-सप्लाई की तो ताकत है

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