किसानों के विरोध पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरी अभिनेत्री से राजनेता बनी कंगना रनौत ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी टिप्पणियों के लिए भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो फटकार लगाई उससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है। कंगना ने कहा उन्हें नहीं लगता कि वो पार्टी की अंतिम आवाज हैं। कंगना ने कहा, मैं इतनी पागल या मूर्ख नहीं हूं कि ऐसा मानूं।”
साक्षात्कार में रनौत ने कहा कि वह आगे अपने शब्दों को लेकर और अधिक सावधान रहेंगी। रनौत ने कहा, “मैं अपने शब्दों को लेकर अधिक सावधान रहने और पार्टी की नीतियों के अनुरूप होने की उम्मीद कर रही हूं। क्योंकि भाजपा के लिए, हम रहे या न रहे, भारत रहना चाहिए।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने किसान आंदोलन की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से कर दी जिसमें शेख हसीना को देश छोड़करकर भागना पड़ा. यहीं नहीं, उन्होंने किसानों को एक तरह हत्यारा और रेपिस्ट तक बता डाला। रनौत द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया था कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के दौरान आंदोलन स्थल पर लाशें लटक रही थीं और बलात्कार हो रहे थे । कंगना के इस बयान के बाद किसान भड़क उठे जिसके बाद भाजपा ने कंगना के विचारों से किनारा कर लिया और उन्हें भविष्य में इस तरह के बयान न देने की हिदायत दी। भाजपा ने पत्र जारी कर कहा कि किसान आंदोलन के संदर्भ में भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा दिया गया बयान पार्टी की राय नहीं है। भाजपा कंगना रनौत के बयान से असहमत है। भाजपा ने अपने पत्र में कहा कि कंगना रनौत को पार्टी की ओर से नीतिगत मुद्दों पर बयान देने की न तो अनुमति है और न ही उन्हें ऐसा करने का अधिकार है।

