नई दिल्ली। आज धनतेरस का मौका है। इस बार धनतेरस दो दिन मनाई जा रही है। कल शनिवार को भी धनतेरस मनाई गई थी।
इस दौरान लोग घरों में पूजन के लिए सोना- चांदी खरीदना शुभ मानते हैं। माना जाता है कि धनतेरस पर घर में सोना-चांदी लाने से समृद्धि बढ़ती है और माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती हैं। पिछले कुछ सालों में सोने की कीमत में काफी तेजी आई है। जिसके चलते यह आम आदमी के बजट से बाहर हो गया है। ऐसे में बहुत से लोग दिवाली के मौके पर चांदी के सिक्के या फिर गणेश और लक्ष्मी की पूजा चांदी के सिक्के से करना पसंद करते हैं।
दिवाली के मौके पर इस कारण चांदी की मांग भी खूब बढ़ जाती है। कुछ दुकानदार अधिक मुनाफा के चक्कर में चांदी में मिलावट करना शुरू करते हैं। ऐसे में ये जानकारी होनी चाहिए कि असली और नकली चांदी की कैसे पहचान हो। चांदी की शुद्धता के लिए कई मापदंड उपयोग में लाए जाते है। यह कुछ हद तक सोने कैरेट की तरह होता है। इसमें शुद्धता का मापदंड 999, 925, 900 से तय किया जाता है। यह नंबर जितना अधिक होगा, चांदी उतनी शुद्ध होगी। यह राष्ट्रीय स्तर पर मान्य है और इसे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स द्वारा तय प्रमाणित किया गया है।
दिवाली के मौके पर बाजार में मांग को देखते हुए कुछ दुकानदार जर्मन सिल्वर के सिक्के बेचते हैं। इसमें मिलावट दो तरीके से की जाती है। पहला चांदी के सिक्कों में 30 से 40 प्रतिशत गिलट या फिर जर्मन सिल्वर मिलाकर बेचते है और दूसरा 99 प्रतिशत गिलट या फिर जर्मन सिल्वर के सिक्के बेचते हैं। इस पर चांदी की पॉलिश की जाती है। चांदी की सबसे खास बात होती है कि धातु होने के बाद भी इसमें कोई चुंबकीय गुण नहीं होता। अगर दुकानदार द्वारा बेची जाने वाली चांदी मैग्नेट से चिपक रही है तो समझ लीजिए कि उसमें मिलावट की गई है और वह असली नहीं है।
चांदी पर बर्फ अन्य धातुओं के अपेक्षा काफी तेजी से निकलती है। इसके जरिए आसानी से असली और नकली चांदी में फर्क कर सकते हैं ।
चांदी को घिसकर या फिर रगड़कर टेस्ट करना काफी एक अच्छा परीक्षण माना जाता है। चांदी को घिसने पर अगर सफेद लाइन बन रही है, तो वह असली मानी जाती है। अगर उसमें किसी और रंग की लाइन बनती है, तो मान लीजिए कि मिलावटी है।
इसके अलावा सोने और चांदी की शुद्धता पहचानने के लिए नाइट्रिक एसिड टेस्ट को अच्छा माना जाता है। इसका प्रयोग विक्रेताओं की ओर से किया जाता है। यह लगभग हर सोना-चांदी विक्रेता की दुकान पर उपलब्ध है। अगर कोई सोने-चांदी की बनी वस्तु खरीद रहे हैं और उस पर नाइट्रिक एसिड डालने पर हरा या नीली रंग हो तो वह मिलावटी है। अगर उसका सफेद या हल्का काला नजर आए तो वो चांदी असली है।

