देश में डिजिटल भुगतान का दायरा भले ही काफी आगे बढ़ चुका हो लेकिन छोटे कस्बों और गावों में आज भी 60 फीसदी से ज़्यादा उपभोक्ता रोजाना कैश से भुगतान को प्राथमिकता देते हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्रामीण इलाकों भी सिर्फ 40 फीसदी उपभोक्ता ही डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 45 फीसदी लोग दो दिन में एक बार इसका इस्तेमाल करते हैं।
खबर के मुताबिक भारत में डिजिटल भुगतान की स्थिति पर जारी ‘चेस इंडिया’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह देश के तीसरी से छठी श्रेणी के शहरों में उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल भुगतान के लगातार इस्तेमाल को दर्शाता है। रिपोर्ट में डिजिटल भुगतान सेवाओं को अपनाने में जमीनी स्तर पर कारोबारियों और उपभोक्ताओं के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों की पहचान की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण भारत में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल नहीं करने वाले करीब आधे कारोबारी इस सुविधा या सेवा से अनजान हैं। इसके उलट डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल नहीं करने वाले 94 फीसदी उपभोक्ता इससे परिचित होने के बावजूद इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं।
दरअसल, इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी, सीमित जानकारी, ऑनलाइन भुगतान में अविश्वास और सेवा संबंधी समस्याओं के कारण उपभोक्ता डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 41 फीसदी कारोबारी अपनी बिक्री का 25 फीसदी से भी कम डिजिटल भुगतान के जरिए प्राप्त करते हैं, जबकि करीब 15 फीसदी कारोबारी अपनी बिक्री का 50 फीसदी से भी ज्यादा डिजिटल भुगतान के जरिए प्राप्त करते हैं। यह स्थिति जमीनी स्तर पर डिजिटल भुगतान के उपयोग को बढ़ाने के संबंध में अभी भी मौजूद संभावनाओं को दर्शाती है। रिपोर्ट कुल 2,240 उत्तरदाताओं के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इसमें देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के आठ राज्यों के 16 जिलों में फैले 1,184 उपभोक्ताओं और 1,056 कारोबारियों की राय ली गई।

