इस बाद होली का पर्व 17 और 18 मार्च को मनाया जाएगा। होलिका दहन (Holika Dahan) इस बार 17 मार्च हो होगा। इस बार होलिका दहन के दिन बहुत ही शुभ योग और नक्षत्र लग रहे हैं। जिसके कारण होली के पर्व का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। होलिका दहन के दौरान भद्रा लगी होगी। इस कारण इस पर भद्रा का असर रहेगा। होलिका दहन रात में फाल्गुनी नक्षत्र के दौरान किया जाएगा। इसके साथ होलिका दहन पर जो दुर्लभ संयोग जिन ग्रह और नक्षत्र के कारण बन रहे हैंं वो हैं गजकेसरी,वरिष्ठ और केदार राजयोग। जिनकी उपस्थिति में होलिका दहन किया जाएगा। होलिका दहन पर यह तीनों ही योग मान-सम्मान,पारिवारिक सुख और समृद्धि में बढ़ोत्तरी करेंगे।
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इस दिन गुरु देव बृहस्पति का भी दिन है। बृहस्पति की दृष्टि चंद्रमा पर होने से गजकेसरी योग बन रहा है। इसी के साथ होलिका दहन पर वरिष्ठ और केदार योग होने के कारण यह और भी शुभ हो जाती है। ज्योतिषाचार्य की माने तो होलिका दहन (Holika Dahan) पर पहली बार ये तीन राजयोग बन हैं। इसी दिन सूर्य अपनी मित्र राशि में प्रवेश कर रहा है। जिससे होली और शुभ हो जाती है।

