हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 68 विधानसभा सीटों के लिए बीजेपी ने जहाँ 62 उम्मीदवार घोषित किया है वहीँ कांग्रेस ने 46 प्रत्याशियों का एलान किया है. जैसा कि हमेशा होता है कि उम्मीदवारों की सूची बाहर आते ही टिकट चाहने वालों में तेज़ प्रतिक्रिया होती है, नाराज़गी का दौर चलता है, कुछ लोगों का पार्टी में दम घुटने लगता है तो कुछ पार्टी को छोड़ देते हैं और कहीं और ठिकाना तलाशने की कोशिश की करते हैं तो कुछ मनपसंद सीट से टिकट न मिलने पर मुंह फुला लेते हैं. इस तरह की सारी बीमारियां आम तौर पर कांग्रेस पार्टी में ही दिखाई देती है. हिमाचल में भी कांग्रेस की पहली लिस्ट आते ही ऐसा ही कुछ देखने को मिलने लगा है, प्रदेश कांग्रेस सचिव आदित्य विक्रम सिंह ने भी पहली लिस्ट से अपना नाम गायब देखकर पार्टी के विभिन्न पदों से अपना इस्तीफा देने का फैसला कर लिया और साथी ही दोबारा कांग्रेस पार्टी का दामन न थमने की कसम भी खा ली है.
बता दें कि आदित्य विक्रम सिंह प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव हैं और सराज विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे। वह बंजार विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रहे थे. वह पांच सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहे थे और कांग्रेस पार्टी से यहीं से टिकट देने की मांग की थी जिसे पार्टी ने स्वीकार नहीं किया और अब वो नाराज़ होकर पार्टी छोड़ गए हैं. कांग्रेस पार्टी ने बंजार विधानसभा से पूर्व मंत्री खीमी राम शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है.
आदित्य विक्रम सिंह ने कांग्रेस पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है और उसकी प्रति प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को भी भेज दी है। आदित्य विक्रम सिंह की इस क्षत्रे में काफी अच्छी पकड़ है, पार्टी कार्यकर्ता भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे थे, कार्यकर्ताओं ने तो यहाँ तक कह दिया था कि अगर आदित्य विक्रम सिंह को पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो सामूहिक त्यागपत्र दिए जायेंगे.

