नई दिल्ली। कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ। पिछले चार हफ्ते में दुनिया में कोरोना संक्रमण से मौतों की संख्या में 35 फीसदी तक बढ़ गई है। जो कि चिंताजनक बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ0 घेब्रेयसस ने देशों आगाह किया है। लगातार तीन साल से कोरोना संक्रमण वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बना है। कोरोना संक्रमण को लेकर महामारी विशेषज्ञ बार-बार कह रहे हैं कि अब लोगों को कोरोना संक्रमण के साथ रहना सीखना होगा। इस पर घेब्रेयसस ने कहा कि यह नहीं मानना चाहिए कि बीमारी खत्म हो गई। इससे खुद के और दूसरों के बचाव के लिए साधनों से लैस रहना होगा। डा0 घेब्रेयसस ने कहा कि हम सब कोरोना संक्रमण और महामारी से थक कर ऊब गए हैं। लेकिन कोरोना वायरस अभी थका नहीं है।
कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट अब प्रमुख वैरिएंट बना चुका है। पिछले एक महीने में बीए-5 सब स्ट्रेन 90 प्रतिशत से अधिक नमूनों में मिला है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा है कि चार हफ्ते में 15,000 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई है। यह संख्या बहुत ही अधिक है। हमारे पास अब संक्रमण रोकने और जान बचाने के सारे संसाधन हैं। हम में कोई अब असहाय नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति टीका लगवाए और जरूरत पड़ने पर बूस्टर डोज लें। मास्क पहनें और सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की बढ़ती संख्या के बीच लोगों को संक्रमण से बचाना हम सबका दायित्व बनता है।
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कोरोना महामारी से अभी तक दुनिया में 59 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। इन तीन सालों में कोरोना संक्रमण से 64 लाख से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं। अमेरिका में सबसे ज्यादा 9ः3 करोड़ से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। जबकि भारत में लगभग 4ः4 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। भारतीय नीति आयोग सदस्य स्वास्थ्य डॉ0 वीके पाल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है। यह पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ा है। इसलिए कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज सहित सभी आवश्यक उपाय इस समय जरूरी है। इनमें मास्क और सुरक्षित शारीरिक दूरी शामिल है। उन्होंने कहा कि र्कोबेवैक्स वैक्सीन को बूस्टर डोज के रूप में मंजूरी दे दी गई है।

