गलत जीवनशैली और अनियमित खानपान जाने-अनजाने में गंभीर बीमारियों की ओर धकेलता है, ऐसे में लोगों का इन ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कम सुनने की समस्या आजकल आम हो गयी है, जहाँ कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होने लगे हैं। वहीं इन क्षमताओं के कम होने का कारण घंटों गाने सुनना, फोन पर बातें करना, बेहतर ईयरफोन का प्रयोग न करना माना गया है, वहीं कानों को शरीर का सबसे संवेदनशील अंग माना गया है, ऐसे में इनकी उचित देखभाल करना जरूरी है।
आईये जानते हैं ऐसी ही कुछ खराब आदतों के बारें में, जिन्हें आप बदल करके इन सब से बच सकते हैं।
अधिक ईयरफोन और हेडफोन का इस्तेमाल करें कम-
इन दिनों देखा जा रहा है कि लोग ईयरफोन का उपयोग ज्यादा करने लगे हैं, जिससे लोंगो की सुनने की क्षमता कम होने लगी है। बता दें कि ईयरफोन के उपयोग में अधिक ध्वनि कानों में पहुँचती है, जोकि कान के पर्दों को नुकसान पहुँचता है। ऐसे में इनके अधिकाधिक प्रयोग से बचना चाहिये।
अधिक धूम्रपान भी डालता है कानों पर असर, बंद करें आज से ही-
धूम्रपान को सेहत के लिये हमेशा से हानिकारक माना गया है, वहीं सिगरेट का धुंआ फेफड़ों और हृदय को नुकसान तो पहुँचाता ही है, साथ ही यह कानों की सुनने की क्षमता पर भी असर डालता है। बता दें कि इनमें पाया जाने वाला निकोटिन कानों में रक्त संचार के प्रवाह को बाधा पहुँचाता है, जिससे कानों की नाजुक कोशिकाओं पर असर पड़ता है, जिससे कम सुनने की समस्या होने लगती है।
दूसरी ओर अगर आपको कान में दर्द, कम सुनाई पड़ना, कान में आवाज गूँजना आदि समस्याएँ होती है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। अगर ये समस्याएँ आपको बिल्कुल भी महसूस हो तो तुंरत ही चिकित्सीय परामर्श लें।

