धूल, प्रदूषण के कारण त्वचा पर दाग, धब्बे या पिंपल्स होना आम बात है। लेकिन त्वचा पर दिखाई देने वाले फुंसी जैसे मस्से संक्रमण को दर्शाते हैं। ज्यादातर लोग इस बात से अनजान हैं कि मस्से धूल और गंदगी के कारण भी हो सकते हैं। यही वजह है कि वे उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. और कभी कभी इसी का उनको खामियाजा भुकतना पड़ता है . डॉक्टर के मुताबिक अगर सही समय पर इनका इलाज न किया जाए तो इसके कारण व्यक्ति को न सिर्फ दर्द सहना पड़ सकता है, बल्कि वह कैंसर जैसी बीमारी का भी शिकार हो सकता है।
एक डॉक्टर ने बताया कि, ‘चेहरे पर मस्से आमतौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के कारण होते हैं। इन्हें चेहरे पर कहीं भी देखा जा सकता है लेकिन दाढ़ी एक ऐसा हिस्सा है जहां ये सबसे ज्यादा होते हैं। ऐसा आमतौर पर रेजर से लगे कट में वायरस की मौजूदगी के कारण होता है।
मस्से क्या हैं
मस्से एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है जो ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होता है। संक्रमण के कारण त्वचा पर पपड़ीदार, त्वचा के रंग के धब्बे बन जाते हैं। इस प्रकार के मस्से संक्रामक हो सकते हैं और ये आपको किसी संक्रमित व्यक्ति को छूने से हो सकते हैं। मस्से आमतौर पर हाथों पर दिखाई देते हैं, लेकिन वे चेहरे, पैरों और घुटनों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
डॉक्टर क्या कहते हैं
डॉक्टर कहते है ‘मस्से तब हो सकते हैं जब ह्यूमन पैपिलोमावायरस त्वचा के किसी कट में प्रवेश कर जाता है। महिलाओं में भौंहों या ठुड्डी के आसपास इन्हें दिखाना आम बात है क्योंकि पार्लर में थ्रेडिंग और वैक्सिंग करवाने के दौरान कट लगने से जो संक्रमण फैलता है ये उससे भी हो जाते है ।
यह संक्रमण चेहरे के नैपकिन और तौलिए या मेकअप ब्रश साझा करने से भी हो सकता है। इन्हें आमतौर पर कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों, मधुमेह रोगियों में देखा जाता है। यौन संबंधों के कारण भी मस्से हो सकते हैं।
जानिए मस्से कितने प्रकार के होते हैं?
मस्से विभिन्न प्रकार के होते है –
हाथ: इन मस्से बहुत साधारण प्रकार के होते है
चेहरा: ये मस्से संक्रमण से आते है ।
पैर: कुछ मस्से पैरों के तलवों पर दिखाई देते हैं। ये मस्से बीच में छोटे काले डॉट्स की तरह दिखते हैं। ये अक्सर दर्दनाक होते हैं.
जननांग: लिंग, योनि या मलाशय पर बनने वाले मस्से को जननांग मस्सा कहा जाता है। ये मस्से एक प्रकार का यौन संचारित संक्रमण हैं। ये जननांगों पर तब होते हैं जब किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क होता है।
मस्से परेशानी का कारण बन सकते हैं
अधिकांश मस्से बिना किसी समस्या के ठीक हो जाते हैं। लेकिन कभी-कभी वे बीमारी का कारण बन सकते हैं, जैसे:
कैंसर: एचपीवी और जननांग मस्से कई अलग-अलग कैंसर से जुड़े होते हैं, जिनमें गुदा कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और ऑरोफरीन्जियल कैंसर शामिल हैं। आप एचपीवी टीका लगवाकर जननांग मस्सों के खतरे को कम कर सकते हैं।
दर्द: अधिकांश मस्से दर्द नहीं करते हैं, लेकिन वे अंदर की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे चलने में दर्द होता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे त्वचा के नीचे कोई कंकड़ है।
मस्सों से खुद को कैसे बचाएं?
डॉक्टर के अनुसार, मस्सों को रोकने का वास्तव में कोई तरीका नहीं है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखकर इनके संक्रमण से जरूर बचा जा सकता है।
मस्से को शेव करने से बचें।
अपने नाखून या क्यूटिकल्स चबाने की आदत छोड़ें।
तौलिए, वॉशक्लॉथ, कपड़े, नेल कटर, रेजर या अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें।
जननांग मस्सों को रोकने के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाएं ।
कोशिश करें कि मस्से को खरोंचें या काटें नहीं।
डॉ. के मुताबिक, अगर मस्से का आकार बढ़ रहा है या उसमें से खून निकल रहा है तो इसकी जांच जरूर करानी चाहिए।

