एक समय में भारत की हॉकी टीम के धुरंधर ड्रैग फिलिकर रह चुके संदीप सिंह जो अब हरियाणा की ठक्कर सरकार में स्पोर्ट्स मिनिस्टर हैं यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते अपने पद को छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप एक जूनियर एथलेटिक्स कोच ने सार्वजानिक रूप से लगाया था. संदीप ने कहा कि वो इस्तीफ़ा इसलिए दे रहे हैं ताकि कोई यह न कह सके कि जांच निष्पक्ष ढंग से नहीं हुई, हालाँकि उन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोपों से इंकार किया है.
जूनियर एथलेटिक्स कोच ने लगाया था आरोप
बता दें कि जूनियर एथलेटिक्स कोच ने INLD के पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और भाजपा सरकार से इस मामले की SIT से जाँच करवाने और खेल मंत्री को फ़ौरन पद से बर्खास्त करने की मांग की थी. जूनियर एथलेटिक्स कोच ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि संदीप सिंह ने पहली बार उसे एक जिम में देखा और उसके बाद इंस्टाग्राम पर उससे संपर्क किया. इसके बाद संदीप सिंह ने मैसेज करके बताया कि उसका राष्ट्रीय खेल प्रमाणपत्र लंबित है , वो उनसे आकर मिले। महिला कोच ने बताया कि वह उनके कैंप कार्यालय उनसे मिलने गईं. जूनियर कोच का आरोप है कि संदीप सिंह ने वहां उसके साथ दुराचार किया.
हॉकी जगत में बहुत बड़ा नाम हैं संदीप
महिला के आरोपों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। संदीप सिंह का कहना है कि उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. अब जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक उन्होंने अपने को कार्यमुक्त कर लिया है और कार्यभार मुख्यमंत्री को वापस कर दिया है. संदीप सिंह एक ज़माने में हॉकी की दुनिया में जलवा था. उनके झन्नाटेदार फ्लिक सभी गोल रक्षकों को भौंचक्का कर देती थी, उनके जीवन पर एक फिल्म भी बन चुकी है. इतनी बड़ी खेल हस्ती पर इस तरह का आरोप यकीनन उनकी छवि को तार तार करता है. अब देखना है कि जाँच में क्या सच्चाई निकलकर सामने आती है.
