हरिद्वार। अपहरण और दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने अपने अभूतपूर्व फैसल में अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को एक लाख 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी के साथ रहे दूसरे आरोपी को सह अभियुक्त करार देते हुए दुष्कर्म के साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए उसकेा भी पांच साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि तीसरे अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
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तीनों अभियुक्त मूल रूप से उप्र के सुल्तानपुर निवासी हैं। सजा पाने वालों में दोनों अभियुक्त आपस में मामा-भांजा हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में रिकार्ड समय एक साल के भीतर ही दोषियों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) अंजली नौलियाल की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

