- एप की टेस्टिंग में किसी भी प्रकार के सुरक्षा उल्लंघन की पहचान नहीं की गई है
नई दिल्ली: भारत सरकार के लिए आरोग्य सेतु एप को लेकर ेफ्रेंच हैकर रॉबर्ट बैपटिस्टे ने ट्वीट किया था. इसमें उसने कहा था की इंडिया के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप में सिक्युरिटी की दिक्कत है. हालांकि क्या दिक्कत इसके बारे में हैकर ने नहीं बताया था. हैकर ने 9 करोड़ लोगों की प्राइवेसी को खतरा बताकर कहा था कि क्या आप मुझसे अलग से बात कर सकते हैं? हैकर ने ये भी कहा कि राहुल गांधी सही थे. ऐसा इसलिए कहा क्योंकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले आरोग्य सेतु एप में डेटा की सुरक्षा का सवाल उठाया था.इसे तैयार करने वाली टीम ने बुधवार को इस एप की सुरक्षा को लेकर एक बयान जारी किया है.इस टीम ने फिर दावा किया है कि कोरोना की ट्रैकिंग के लिए बनाये गए आरोग्य सेतु ऐप से किसी के डेटा को कोई खतरा नहीं है और एप की टेस्टिंग में किसी भी प्रकार के सुरक्षा उल्लंघन की पहचान नहीं की गई है.
सिक्योर सर्वर में स्टोर करते हैं
आरोग्य सेतु के स्टेटमेंट में कहा गया है कि, किसी भी यूजर की कोई भी व्यक्तिगत जानकारी खतरे में नहीं है.एप मेकर्स ने आरोग्य सेतु की प्राइवेसी पॉलिसी को भी दोहराया, जो एप में ही मौजूद है. ये एप यूजर लोकेशन को कलेक्ट करता है और इसे सर्वर में स्टोर करता है. दावे के मुताबिक इसे सिक्योर, एनक्रिप्टेड और एनोनिमस तरीके से रखा जाता है.
हैकर बोला, मैं कल फिर लौटूंगा
हालांकि सरकार से स्पष्टितकरण से हैकर संतुष्ट होते दिख नहीं रहे हैं. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा है कि आप कहना चाहते हैं कि कोई समस्या नहीं है. हम देखेंगे. मैं कल फिर लौटूंगा.
क्या है आरोग्य सेतु एप?
आरोग्य सेतु को भारत में कोविड-19 का आउटब्रेक रोकने के लिए लॉकडाउन के शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद लॉन्च किया गया था. ये सरकार की आधिकारिक कोविड-19 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एप है, जिसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर द्वारा डेवलप किया गया है. लॉन्च के बाद से अब तक इसके 90 मिलियन यूजर्स हो गए हैं. कुछ एक्सपर्ट्स ने यूजर डेटा और लोकेशन कलेक्शन को लेकर इसकी आलोचना भी की है.गौरतलब है कि सरकार ने सभी निजी और सरकारी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप को अनिवार्य कर दिया है.
क्या है इसके फायदे?
कोरोना पेशेंट को ढूढ़ने में यह एप मदद करता है. गौरतलब है कि मंगलवार को शिकोहाबाद में एक आम आदमी के मोबाइल पर पांच सौ मीटर के दायरे में एक पेशेंट की सूचना मिली.उसने यह जानकारी पीएचसी पर तैनात डॉक्टर राजकुमार को दी.एप पर वेरीफाई करने के बाद उन्होंने एसडीएम शिकोहाबाद को बताया. इसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम के साथ एसडीएम नरेंद्र सिंह, सीओ इंदूप्रभा सिंह एटा रोड चौराहे पर पहुंचे. छानबीन में पता चला कि एक घर में रहने वाली प्रेग्नेंट महिला ने कोरोना की जांच के लिए प्राइवेट लैब में सैम्पल दिया था, लेकिन उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली थी. इसके बाद लैब में संपर्क कर जानकारी ली गई तो पता चला कि महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव है. उसे फीरोजाबाद आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया. परिवार के सदस्यों को भी क्वारंटाइन पर भेजा गया है.

