गुजरात: पांच राज्यों में मिली करारी हार के बाद गुजरात में होने वाले चुनाव से पूर्व कांग्रेस अपनी रणनीति को मजबूत बनाने का हर सम्भव प्रयास कर रही है। अभी तक कांग्रेस इस उम्मीद मे थी कि गुजरात मे उसकी नैया को पार लगाने के लिए प्रशांत किशोर पार्टी में वापसी करेंगे। लेकिन रणनीतिकार प्रशांत किशोर से कांग्रेस को झटका देते हुए कल उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद कांग्रेस अब नरेश पटेल के कंधे पर बंदूक रखके गुजरात विजय की यात्रा तय करने की उम्मीद लगाए बैठी है।
प्रशान्त किशोर में कांग्रेस के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए यह स्पष्ट किया था कि कांग्रेस को अपनी अंदरूनी कलह को समाप्त कर बेहतर नेतृत्व और उत्तम दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। अब ऐसे में नरेश पटेल का कांग्रेस की डूबती नैया का सहारा बनना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
हालांकि नरेश पटेल को लेकर लोगो का कहना है वह एक बेहतर व्यपारी है उन्हें खेलना और लाभ हानी का उम्दा ज्ञान है। वह जानते है अपने प्रोडक्ट को मार्केट में कैसे लॉन्च करना है और जनता को कैसे उसकी ओर आकर्षित करना है। लेकिन प्रशांत और नरेश के आपसी ताल्लुक बेहतर है ऐसे में अगर कांग्रेस नरेश पटेल पर दांव खेलती है तो उनकी नैया प्रशांत ही पार लगा सकते हैं।
नरेश से क्या है कांग्रेस का पीके कनेक्शन:-
प्रशांत किशोर को कांग्रेस 2024 में होने वाले लोकसभा के लिए अपनी पार्टी में शामिल करने की योजना बनाएं थी। लेकिन पीके की शर्तों पर कांग्रेस को ऐतराज था जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने से ऐतराज कर दिया और इनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। हालांकि कांग्रेस अब पीके के करीबी नरेश पटेल पर दांव खेलना चाहती है। कांग्रेस को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है कि वह नरेश के आपसी सम्बध से पीके को अपने खेमे में करने की फिराक में है हालांकि इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

