पूरे देश में आज देश की आज़ादी की 75वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई जा रही है, आम जनता खुशियां मना रही है लेकिन राजनेता इस पावन पर्व पर अपने राजनीतिक अवसर तलाशने में कोई कसार नहीं छोड़ी. गुजरात में आने वाले दिनों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, वहां चुनावी माहौल अपने चरम की तरफ बढ़ रहा है, आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल गुजरात में लगातार बड़ी बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं, ऐसे में अब बारी भाजपा की थी और उसने इसके लिए स्वतंत्रता दिवस का दिन चुना। रेवड़ी कल्चर के पक्ष और विपक्ष की बहस के बीच गुजरात के मुख्यमंत्री ने आने वाले चुनाव को देखते हुए राज्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ी घोषणा की साथ ही राशन कार्ड होल्डर्स को भी एक किलो दाल की रेवड़ी का एलान किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता तीन फीसदी बढ़ाने के अलावा नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के कार्डहोल्डर्स के लिए एक किलोग्राम दाल की योजना के दायरे को बढ़ा दिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि NFSA तहत राज्य के सभी 250 तालुका के 71 लाख कार्डहोल्डर्स को अब हर महीने रियायती दर पर एक किलोग्राम दाल मिलेगी. बता दें कि अभी इस योजना का लाभ सिर्फ 50 विकासशील तालुका के लोगों को मिल रहा है.
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राज्य कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते का तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए DA को 3 फीसदी बढ़ाया जा रहा है. यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 01 जनवरी 2022 से लागू होगा. इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को जनवरी से लेकर जुलाई तक के एरियर का भी भुगतान किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से 9.38 लाख सरकारी कर्मचारियों, पंचायत सेवकों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ होगा, वहीँ सरकार पर हर साल करीब 1,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा.

