अहमदाबाद। गुजरात में बिहार की तरह ही शराबबंदी कानून लागू है। गुजरात में शराब पीना, शराब बेचना या शराब के किसी भी तरह के धंधे में शामिल होना संज्ञेय अपराध माना जाता है। लेकिन इसके बावजूद भी गुजरात में चोरी-छिपे शराब बनाने से लेकर खरीदने और बेचने का काम जोरों पर है। देश के दूसरे ड्राई राज्यों की तरह ही गुजरात में भी धड़ल्ले से शराब खरीदी और बेची जा रही है। राज्य के बोटाद जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या अब 29 तक पहुंच गई है। इससे अब गुजरात की भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है। वहीं आप ने भाजपा सरकार केा पूरी तरह से गुजरात में फेल करार दिया है। राज्य के बोटाद जिले के रोजिद गांव में जहरीली शराब पीने से अब तक हुई लोगों की मौत और बीमारी की घटनाएं सामने आई है। जहरीली शराब पीने से गांव में मौत का आंकड़ा अब 29 तक पहुंच चुका है। इसके बाद विपक्ष ने सवाल करने शुरू कर दिए हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव में दमखम के साथ तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी ने इस मामले में गुजरात सरकार पर निशाना साधा है।
बताते चले कि इस साल अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होना तय है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी तैयारी में जुटी है। इस बीच जिला बोटाद की घटना ने आप को गुजरात सरकार को घेरने का मौका दिया है। आज मंगलवार को गुजरात पहुंचे दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाए। आप पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि बीते 15 साल में जहरीली शराब पीने से गुजरात में 845 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। गुजरात पहुंचे दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके संज्ञान में बहुत दुखद घटना आई है कि भावनगर में जहरीली शराब पीने से 25 से अधिक लोग मर गए हैं। कई अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके बाद केजरीवाल ने गुजरात सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि गुजरात ड्राई स्टेट है तो राज्य में खुलेआम शराब बिक्री कहां से हो रही है। इससे किसको लाभ हो रहा है?

