Gujarat chunavi dangal:- गुजरात मे होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस एक बाद फिर अपनी ही पार्टी में होने वाले अंदरूनी विवाद के चलते सुर्खियों में है। वही कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात की राजनीति में ऐसी हलचल मचाई है कि पक्ष और विपक्ष दोनो हार्दिक की गतिविधियों पर नजर गढ़ाए हुए हैं। वही कल हार्दिक पटेल के पिता के पुण्यतिथि पर कई बड़े नेताओं ने शिरकत की। लेकिन भाजपा के बड़े चेहरे जिन्हें हार्दिक ने निमंत्रण दिया था वह वहाँ नहीं पहुंचे।
भाजपा नेताओं के न आने पर हार्दिक बोले की यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन था यहां मैने अपनी ओर से सभी को आमंत्रित किया। लेकिन कौन आया यह उसपर निर्भर करता है। क्योंकि यहां तो कई साधु संतों ने भी शिरकत की है। हार्दिक की इस बात के बाद स्वामीनारायण संप्रदाय के साधु ने हार्दिक को सलाह के तौर पर किसी हिन्दू पार्टी में जाने की हिदायत दी।
संत की हिदायत पर बिलखे हार्दिक ने कहा मुझसे बड़ा हिन्दू कोई और नहीं हो सकता और मुझे यह साबित करने की आवश्यकता नहीं है। मैं संतो का सम्मान करता हूँ मैंने इस धर्मिक कार्यक्रम में प्रभु श्री राम की मूर्ति स्थापित की है जो मेरे हिन्दू होने का प्रमाण देती है। वही कांग्रेस को छोड़ने के मुद्दे पर हार्दिक ऊंचे स्वर में बोले। मैं पार्टी से रुष्ट हूँ इसका अर्थ यह कतई नहीं की मैं पार्टी को छोड़ रहा हूँ मैं आगे पार्टी में रहने वाला हूँ क्योंकि मतभेद को सुलझाया जा सकता है।

