Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात मे होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस में बड़ी फुट देंखने को मिल रही है एक ओर आज कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी की नीतियों से रुष्ट होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और इन्हें लेकर यह अटकलें तेज हो है कि यह अब एक सप्ताह के भीतर भाजपा जॉइन कर लेंगे। वही गुजरात के सियासी रण में उतरी एआईएमआईएम वैसे चाहे गुजरात की राजनीति में अहम भूमिका न रखती हो लेकिन यह कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाएगी और काफी हद तक कांग्रेस के वोट को काटने की कोशिश करेगी।
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क्यों कांग्रेस के लिए बड़ी समस्या है एआईएमआईएम:-
अगर हम कांग्रेस की बात करें तो गुजरात मे इसका मुस्लिम वोट बैंक पर आधिपत्य है। गुजरात का मुसलमान कांग्रेस का खूब समर्थन करता है। वही इस बार गुजरात मे एआईएमआईएम ने शिरकत की है और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यह दावा किया है कि वह गुजरात मे मुस्लिम बाहुल्य इलाको में अपने मजबूत केंडिडेट को मैदान में उतारेंगे। अब अगर ओवैसी ऐसा करते हैं तो उसका सबसे ज्यादा प्रभाव कांग्रेस के वोट बैंक पर पड़ेगा क्योंकि गुजरात मे कांग्रेस को मुस्लिम समुदाय से खूब समर्थन प्राप्त है। वही अगर हम बात ओवैसी की करे तो यह खुद को मुस्लिम हितैषी बताते हैं और मुसलमान के हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय व्यक्त करते हैं।
जाने क्या है गुजरात मे मुस्लिम वोट बैंक का आकड़ा:-
अगर हम गुजरात मे मुस्लिम वोट बैंक की बात करें तो यहां 34- 35 सींटो पर तकरीबन 15 से 16 फीसदी मुस्लिम वोट है। वही हर दल इन सींटो से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतार पर यहां के वोट बैंक को आपने खेमे में करने की कोशिश करता है। लेकिन यहां से कांग्रेस को उम्दा रिस्पांस मिलता है लेकिन इस बार यहां से AIMIM अपने उम्मीदवार को उतारने की योजना बना रही है। एआईएमआईएम एक ऐसी पार्टी है जिसे मुस्लिम हितैषी पार्टी के रूप में जाना जाता है अब अगर ऐसे में एआईएमआईएम का प्रत्याशी इन सींटो से मैदान में उतरता है तो वह प्रत्येक दल के वोट बैंक को प्रभावित करेगा लेकिन इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कांग्रेस पर पड़ेगा।
क्या है जनता का रिस्पांस:-
एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष साबिर काबलीवाला के मुताबिक AIMIM को इन सींटो पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है अभी फिलहाल AIMIM का यह तय नहीं है कि पार्टी कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी एक सर्वेक्षण कर रही है और इसके निष्कर्षों के आधार पर पार्टी अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी और इस बार गुजरात मे अपनी धाक बनाने की पूरी कोशिश करेगी।

