Gujarat chunavi dangal:– गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए जहां प्रत्येक पार्टी ने अपनी कमर कस ली है और हर कोई अपने अपने वोट बैंक को मजबूत करने की तैयारी में लगा हुआ है। वही इस बार के गुजरात चुनाव में लिंग अनुपात अहम भूमिका निभाएगा। जहां पिछले वर्ष संशोधित मतदाता सूची में 1,000 पुरुषों पर 913 महिलाएं थीं वहीं अब 2022 के यह संख्या बढ़ गई है।
संशोधित मतदाता सूची में अब 1,000 पुरुषों पर 932 महिलाएं हो गयी हैं। वही 50% आरक्षण के कारण महिलाओं का नामांकन भी बढ़ गया होगा। जिसके बाद इस बार के चुनाव में महिलाओं के वोट बैंक की अहम भूमिका रहेगी। वही पार्टी की जीत ओर हार में महिला वोट बैंक एक अहम भूमिका निभा सकती है।
2017 में कांग्रेस का मुख्य फोकस बनी थी महिलाएं:-
अगर हम वर्ष 2017 में कांग्रेस के मुख्य मुद्दे की बात करे तो इनका मुख्य मुद्दा महिला सशक्तिकरण रहा था और इसी मुद्दे ने कांग्रेस को गुजरात मे एक बड़े विपक्षी दल के रूप में उभरा था। मंथन 2017 में कांग्रेस ने महिलाओं के लिए मुफ्त शिक्षा, परिवार की एक महिला के नाम पर घर, फ्री डिलिवरी और गरीब महिलाओं के लिए प्राइवेट अस्पतालों में हेल्थकेयर बेनिफिट्स का वादा किया है। जिसके चलते ग्रामीण महिलाओं के मध्य कांग्रेस की अच्छी धमक बनी थी।
इस बार भाजपा की क्या नीति:-
भाजपा इस बार के चुनाव के लिए अपनी रणनीति में काफी परिवर्तन कर रही है और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की योजना बना रही है। रणनीतिकारों का कहना है कि इस बार भाजपा महिलाओं को केंद्र में रखकर कांग्रेस के वोट बैंक को तोड़ेगी और अपना 150 सींटो को जीतने का लक्ष्य पूरा करेगी।

