गुजरात के मोरबी शहर के हैंगिंग ब्रिज हादसे में कल 141 लोगों की मौत हो गयी. इस हृदयविदारक घटना पर पूरा देश गम के माहौल में है राजनीतिक पार्टियों की तरफ से भी शोक संवेदनाएं आ रही हैं लेकिन साथ ही में गुजरात की भाजपा सरकार को भी सवालों के घेरे में खड़ा का रही हैं. कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब कुछ दिन पहले ही पुल का रिनोवेशन हुआ तो फिर यह गिर कैसे गया? यह सवाल इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि यह बात सामने आयी है कि अंग्रेज़ों के ज़माने का यह पुल कई सालों से बंद था, इसे फिर से ठीक किया गया लेकिन इसे जनता के लिए खोलने से पहले इसका फिटनेस सेर्टिफिकेट नहीं लिया गया था.
गहलोत ने अहमदाबाद में मीडिया से कहा कि मोरबी में पुल गिरने की घटना बहुत दुखद है और सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करना चाहिए। साथ ही प्रशासन पर सवाल उठाया कि जब कुछ दिन पहले ही पुल का रिनोवेशन कर इसे खोला गया तो यह गिर कैसे गया? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हादसे की वजह जानने की जांच की मांग की है. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पुराने पुल पर इतनी बढ़ी संख्या में एक साथ जाने की इजाज़त कैसे दी गयी?
वहीँ इस हादसे को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी में घमासान छिड़ गया है. भाजपा ने AAP के एक ट्वीट को लेकर सवाल उठाया है कि क्या यह एक षणयंत्र है. दरअसल आप नेता नरेश बाल्यान ने कल एक ट्वीट में कहा था कि भाजपा को कल गुजरात में बड़ा झटका लगेगा। आप नेता के उसी ट्वीट को लेकर महाराष्ट्र में भाजपा के नेता राम कदम ने रीट्वीट करते हुए कहा कि नरेश बाल्यान के ट्वीट का संज्ञान लेना चाहिए, हादसे से पहले इस तरह का बयान , क्या यह एक साज़िश है. इनका ट्वीट एक संयोग है फिर कोई साज़िश।

